गोंडा: नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप रद्द होने से पहलवानों में निराशा, मायूस होकर लौट रहे घर, बोले- राजनीति में हम पिस रहे!
चैंपियनशिप रद्द होने के बाद नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में लटका ताला
गोंडा। खेल मंत्रालय द्वारा नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप रद्द किए जाने के बाद नंदिनी नगर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सन्नाटा पसरा है। कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आए पहलवान अपने घर वापस लौट गए हैं। सोमवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम के गेट पर ताला लटका रहा। भारतीय कुश्ती संघ का चुनाव जीतने के बाद फेडरेशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह ने आगामी 28 दिसंबर से नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप करने का ऐलान किया था।

अंडर -15 और अंडर-20 की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पहलवानों को 27 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन करने का समय दिया गया था, लेकिन रविवार को बदले घटनाक्रम में खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित कर दिया है। खेल मंत्रालय ने नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप के आयोजन को भी रद्द कर दिया है और और नई कमेटी के कामकाज पर रोक लगा दी है। चैंपियनशिप रद्द होने के बाद सोमवार को नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले पहलवान निराश दिखाई दिए।

वहीं गैर प्रांतों से आए पहलवान अपने घर वापस लौट गए। अमृत विचार की टीम ने सोमवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम का रियालिटी चेक किया तो स्टेडियम के गेट पर ताला लटका मिला। हरियाणा, पंजाब, झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, सहित कई प्रदेशों और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के खिलाड़ी मायूस होकर सोमवार को अपने घर लौट गए। घर वापसी कर रहे पहलवानों ने बताया कि वह चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन अब प्रतियोगिता रद्द हो गयी है तो वह वापस जा रहे हैं।

विवाद में पहलवानों का हो रहा नुकसान
नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में 28 दिसंबर से आयोजित होने जा रहे नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप रद्द किए जाने के खेल मंत्रालय के फैसले से पहलवानों में नाराजगी है। पहलवानों ने कहा कि इस लड़ाई में उनका नुकसान हो रहा है। जिन पहलवानों को अंडर -15 या अंडर -20 में खेलना था वह अब अगले साल नहीं खेल पायेंगे। उनका यह पूरा साल बर्बाद हो गया। घर लौट रहे पहलवानों का कहना था कि अगर यही पहले कर लेते तो हम लोग किराया लगाकर के इतनी दूर क्यों आते और अब हम लोगों का एक साल बर्बाद हो जाएगा। खेल मंत्रालय को इसके बारे में कुछ सोचना चाहिए।
सांसद बृजभूषण के खेमें में छायी मायूसी, उतारे गए पोस्टर
भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव में अपने करीबी संजय सिंह बबलू को जीत दिलाने वाले डब्लूएफआई के पूर्व अध्यक्ष व कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने चुनाव जीतने के बाद "दबदबा तो है, दबदबा तो रहेगा" कहकर अपने विरोधियों पर निशाना साधा था। उन्होने इसका पोस्टर भी हाथ लेकर दिखाया था। सांसद के बेटे व गोंडा सदर सीट से विधायक प्रतीक भूषण सिंह भी दबदबा वाला पोस्टर लहराते दिखे थे।
इसके बाद उनके समर्थकों में इस पोस्टर को लगाने की बाढ़ सी आ गयी थी। कई लोगों ने न सिर्फ अपने सोशल मीडिया पेज पर बल्कि अपने वाहनों में भी दबदबा है दबदबा रहेगा की पोस्टर चिपका लिया था, लेकिन रविवार को जैसे ही खेल मंत्रालय की कार्रवाई सामने आई, सांसद ने अपने इस दावे से किनारा कर लिया। उन्होने कहा कि यह पोस्टर उन्होने नहीं बल्कि उनके किसी समर्थक ने लगाया था।
बाद में उन्होंने देखा तो लगा कि इसमें अहंकार झलक रहा है। सांसद के इस बयान के सामने आते ही उनके समर्थकों ने अपने वाहनों से दबदबा वाला पोस्टर उतार दिया। सोशल मीडिया पेज से भी यह पोस्टर गायब रहा। सोमवार को लोग इस पोस्टर को लेकर चुटकी लेते रहे।
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