पीलीभीत: पालिका कर्मचारियों को राहत, लंबित भुगतान के लिए मिले 3.79 करोड़
पांच साल से नहीं हुआ था शहर नगर पालिका के कर्मचारियों का भुगतान
पीलीभीत, अमृत विचार। नगरपालिका में लंबित चल रहे भुगतान के लिए शासन स्तर से राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर नए साल में कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने के लिए वेतन बजट के अलावा अतिरिक्त धनराशि भी दी गई है। इस धनराशि का उपयोग नगरपालिका के आउटसोर्स कार्मिकों के वेतन, सरकारी कर्मचारियों की पेंशन, एवं एरियर का भुगतान करने में किया जाएगा।
कर्मचारियों का भुगतान करने के बाद 15 दिन के भीतर निदेशालय को जानकारी भी देना होगी। अगर भुगतान के बाद धनराशि बचती है, तो कार्ययोजना बनाकर उसका उपयोग विकास कार्यो में किया जाएगा। लंबे अरसे के बाद भुगतान के लिए बजट मिलने के बाद कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी है। उनका कहना है कि भुगतान न होने से परेशानी उठानी पड़ रही थी। भुगतान होने से कर्मचारियों को मदद मिलेगी।
शहर नगरपालिका में करीब 450 सरकारी और अस्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कार्यालय में सफाई इंस्पेक्टर, बाबू लिपिक और अन्य मिलाकर 100 स्टाफ है। तो वहीं सरकारी सफाई कर्मचारियों की संख्या 154 और आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की संख्या 196 है, जोकि प्रतिदिन काम करते हैं। रिटायर्ड कर्मचारीअलग हैं। जिनको रिटायर्डमेंट के दौरान भुगतान नहीं मिल सका था।
भुगतान कराने को लेकर वह सालों से कार्यालय और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। ताकि जीवन यापन के लिए बकाया रकम मिल सके। नगरपालिका के कर्मचारियों की मानें तो करीब नगरपालिका के रिटायर्ड और वर्तमान कर्मचारियों का ईपीएफ और अन्य निकासी को जोड़कर करीब पांच करोड़ से अधिक की उधारी है।
भुगतान न होने की वजह से करीब 25 से अधिक केस हाईकोर्ट में चल रहे हैं। जिनमें भी कुछ का ही थोड़ा भुगतान हुआ है। आलम यह है कि रिटायर्डमेंट कर्मचारियों का करीब चार करोड़, वर्तमान सरकारी कर्मचारियों का ईपीएफ का 60 लाख और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के ठेकेदारों का भुगतान भी रुका है। इसको दूर करने के लिए लगातार चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल की ओर से शासन में पत्राचार किया जाता रहा था।
नगरपालिका की बकायेदारी को देखते हुए शासन ने नए साल में पालिका को कर्ज से उबरने के लिए नगरपालिका को तीन करोड़ 79 लाख 81 हजार 636 रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। यह बजट राज्य वित्त आयोग से मिला है। ताकि लांबित चल रहा कर्मचारियों का भुगतान किया जा सके। बजट की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों में खुशी है। कई कर्मचारियों ने तो अपने भुगतान को लेकर अपने प्रार्थना पत्र भी लेकर पहुंचने लगे हैं। ताकि उनका भी भुगतान इस बजट से हो सके।
शासन ने निर्देश दिए हैं कि ईपीएफ, अवकाश नकदीकरण, पीएफ, मेडिकल भुगतान, पेंशन आदि का भुगतान किया जाएगा। इस धनराशि से सालों से कर्ज में डूब नगरपालिका उबर पाएगी। उधर, शासन से राज्य वित्त आयोग से अतिरिक्त बजट के रुप में बीसलपुर नगरपालिका को 3.10 करोड़ और पूरनपुर नगरपालिका को 1.39 करोड़ की धनराशि लंबित भुगतान के लिए दी है।
सात नगर पंचायतें का भी उतरेगा कर्ज, मिला बजट
लंबित भुगतान के लिए राज्य वित्त आयोग तीन नगरपालिकाओं को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया है। वहीं जिले की सात नगर पंचायतों को भी लंबित भुगतान और उधारी निपटाने के लिए अतिरिक्त धनराशि दी गई है। जिसमें नगर पंचायत बरखेड़ा को 38,43,802 रुपये, नगर पंचायत बिलसंडा में 53,21,899, नगर पंचायत गुलडिया भिंडारा में 22,72,200, नगर पंचायत जहानाबाद में 44,79,683, नगर पंचायत कलीनगर को 42,16,641 , नगर पंचायत नौगवां पकड़िया को 35,28,058 और नगर पंचायत न्यूरिया को 65,53,561 रुपये का बजट मिला है।
नगरपालिका में राज्य वित्त आयोग से बजट मिला है। इसको लेकर कार्यालय में पत्र आया है। यह अच्छी बात है कि लंबित चल रहे भुगतान को निपटाने के लिए अतिरिक्त धनराशि मिल रही है। एस्टीमेट बनवाया जा रहा है। धनराशि आते ही सभी का नियमानुसार तरीके से भुगतान कराया जाएगा- लाल चंद भारती, ईओ नगरपालिका।
ये भी पढ़ें- पीलीभीत: खेत की रखवाली कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, घायल
