हल्द्वानी: जब कमिश्नर साहब आते हैं, तभी चलता है यहां का जनरेटर...
हल्द्वानी, अमृत विचार। मिनी स्टेडियम में आए समय बिजली गुल रहती है, लेकिन इस दौरान विभाग जनरेटर नहीं चलाता, जिससे बैडमिंटन व टेबिल टेनिस जैसे इंडोर गेम बाधित होते हैं। इधर, कमीश्नर जिस दिन स्टेडियम आते हैं, तब बिजली जाते ही जनरेटर चलने लगता है।
मिनी स्टेडियम में इंडोर गेम के खिलाड़ी शाम को 3 से 6 बजे के बीच आए समय बिजली गुल होने से खासे परेशान हैं, क्योंकि बिजली नहीं आने तक उनका खेल बाधित रहता है। खिलाड़ियों का आरोप है कि स्टेडियम में जनरेटर की व्यवस्था है मगर बिजली जाने पर भी अधिकारी जनरेटर नहीं चलाते।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व तक कमीश्नर दीपक रावत नियमित तौर पर स्टेडियम आते थे, तो बिजली जाते ही जनरेटर शुरू कर दिया जाता था। इधर, कमीश्नर करीब एक महीने से स्टेडियम में नहीं आए, तो बिजली जाने पर भी जनरेटर नहीं चलाया जाता है। खिलाड़ियों ने कहा कि कमीश्नर ने बिजली जाने पर जनरेटर चलाने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन उनके आदेश भी नहीं माने जा रहे।
नहीं दी जाती फेदर शटल कॉक
बैडमिंटन खिलाड़ियों का कहना है कि लगभग सभी प्रतियोगिताएं फेदर शटल कॉक से होती हैं लेकिन प्रैक्टिस के लिए प्लास्टिक शटल कॉक दी जाती है व उसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं होती। उन्होंने बताया कि फेदर की तुलना में प्लास्टिक शटल कॉक हल्की होती है, जिससे उनका खेल प्रभावित होता है। इधर, अधिकारियों ने कहा कि फेदर शटर कॉक सस्ती व जल्दी खराब हो जाती है।
बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था की जाती है। प्रैक्टिस के लिए महंगी शटल कॉक खिलाड़ियों को दी जाती है।
- जानकी कार्की, क्रीड़ा अधिकारी
