हल्द्वानी: उत्तराखंड में बनाई जाएगी प्रभु श्रीराम सर्किट 

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अंकुर शर्मा, हल्द्वानी, अमृत विचार। अब देश विदेश के श्रद्धालु उत्तराखंड में चारधाम के साथ-साथ प्रभु श्रीराम सर्किट का भी तीर्थाटन कर सकेंगे। उत्तराखंड से प्रभु श्रीराम के अटूट नाते को देखते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार श्रीराम सर्किट बनाने की योजना बना रही है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड से श्रीराम का अटूट नाता है। दशरथ महाराज ने जिस सरयू नदी किनारे संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ किया था, उसका उद्गम उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में है। इसी के साथ ही रावण वध को तारने के लिए उन्होंने देवप्रयाग के लिए रघुनाथ मंदिर में पितृयज्ञ किया था।

उन्होंने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना के अंतर्गत प्रभु श्रीराम सर्किट बनाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा तीर्थाटन बनाने के लिए ऋषिकेश-हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, यमुना नदी किनारे हरिपुर नगर का विकास किया जा रहा है ताकि हर की पैड़ी की तर्ज पर यहां भी श्रद्धालु पहुंच सके। वहीं, चम्पावत जिले के टनकपुर में शारदा नदी किनारे शारदा रिवर फ्रंट तैयार किया जा रहा है।

जिन पर राम कृपा होती है, अयोध्या बुलाती है 
कांग्रेस ने 22 जनवरी को अयोध्या जन्मभूमि में रामलला के विराजमान होने का निमंत्रण ठुकरा दिया है। इस पर सीएम धामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन पर राम की कृपा होती है, उन्हें ही राम धाम बुलाया जाता है। कांग्रेस पर राम की कृपा नहीं है। वहीं, इस आयोजन के कांग्रेस के राजनीतिकरण के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम भारत की 140 करोड़ की जनता के साथ ही दुनिया के अराध्य हैं। राम जन्मभूमि में सभी योगदान दे रहे हैं।

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