रामपुर: लगातार पांच बार ट्राई करने के बाद विमल को मिली पीसीएस में 18वीं रेंक
वर्ष 2016 में रह चुके हैं स्टेट बैंक हैदराबाद में सहायक प्रबंधक, सरकारी नौकरियों की उन पर होती रही बारिश
रामपुर, अमृत विचार। लगातार पांचवी बार पीसीएस का इंटरव्यू देने के बाद आखिरकार विमल कुमार को उप जिलाधिकारी पद के लिए सफलता मिल गई। शहर के मोहल्ला शिवापुरम निवासी इलेक्ट्रीशियन शंकर लाल के पुत्र विमल कुमार वर्ष 2016 में सहायक प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से इस्तीफा देने के बाद से पीसीएस बनने के लिए तैयारी कर रहे थे।
बैंक की नौकरी में समय नहीं मिल पाने के कारण उन्होंने वर्ष 2016 में सहायक अध्यापक के पद पर तहसील बिलासपुर में पदभागर ग्रहण किया और तैयारी में जुट गए। वर्ष 2017 में उनका पीसीएस परीक्षा के माध्यम से क्षेत्रीय वन अधिकारी के रूप में चयन हुआ। इसके बाद वर्ष 2018 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वर्ष 2019 में खंड शिक्षा अधिकारी, वर्ष 2020 में वरिष्ठ प्रवक्ता डॉयट एवं 2022 में नायब तहसीलदार के पद पर भी चयन हुआ।
मंगलवार की रात 8:30 बजे रिजल्ट आने के बाद विमल कुमार ने चेक किया। सूची में अपना नाम देखने के बाद सबसे पहले अपने प्रेरणा स्त्रोत चाचा छत्रपाल सिंह को बताया और उनका आर्शीवाद लिया। मंगलवार की रात करीब 10 बजे अमृत विचार कार्यालय में बातचीत में उन्होंने अपनी तैयारी की बाबत बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी मुरादाबाद सद्दीक अहमद के निर्देशन में सटीक रणनीति के तहत तैयारी को नई दिशा दी। जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें उप जिलाधिकारी के पद पर चयन हुआ। रिजल्ट देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सर्द हवा चलने के बावजूद विमल कुमार के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। लोग एक सरकारी नौकरी के लिए तरसते हैं लेकिन, मेहनती विमल कुमार पर नौकरियों की बारिश होती रही। विमल बताते हैं कि उन्होंने हैदराबाद में भारतीय स्टेट बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर सेवाएं दीं। इसके बाद वह रामपुर चले आए और बिलासपुर में प्राइमरी टीचर बन गए। इसके बाद फॉरेस्ट रेंजर, खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर चयन हुआ।
वर्ष 2020 में विमल कुमार का वरिष्ठ प्रवक्ता के रूप में चयन हुआ। इसके बाद उन्होंने लखनऊ में एससीईआरटी में विधि अधिकारी के रूप में एक वर्ष अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में विमल कुमार मंडलीय मनोवैज्ञानिक, मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र बरेली में कार्यरत हैं। वर्ष 2024 के लिए भी पीसीएस की तैयारी कर रहे थे जिसकी मार्च में परीक्षा थी। उन्हें 18वीं रेंक मिली है। वह पांच बहन भाई हैं और परिवार में सबसे बड़े हैं। उनसे छोटी बहन ज्योति लखीमपुर में सहायक अध्यापिका है।
उनसे छोटी बहन स्वार में लेखपाल के पद पर कार्यरत है। जबकि, एक भाई प्रकाश चंद विद्युत विभाग में टेक्नीकल ग्रेड 2 के पद पर कार्यरत हैं। सबसे छोटा भाई कमल कंपटीशन की तैयारी कर रहा है। विमल बताते हैं कि उनके प्रेरणा स्त्रोत उनके चाचा छत्रपाल सिंह हैं। जोकि, संभल में विद्युत विभाग में एसडीओ के पद से सेवा निवृत्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह पद पर आसीन होने के बाद शासन स्तर से जारी योजनाओं का लाभ लोगों को तक पहुंचाएंगे और लोगों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे।
विमल कुमार ने जैन इंटर कालेज रामपुर से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जबकि स्नातक राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुर से किया है। उन्हें पुस्तकें और अखबार पढ़ने का शौक है। बताया कि बहुत संघर्ष करने के बाद वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं। पीसीएस की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए संदेश है कि वह निराश नहीं हों बल्कि दूने उत्साह से तैयारी करें। सफलता उनके कदम चूमेगी।
आंसर राइटिंग से मिल जाती है सफलता
रामपुर में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत रह चुके फिलहाल मुरादाबाद में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत सिद्दीक अहमद बताते हैं कि उनकी बेटी भी पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं। बताते हैं कि सिलेबस संबंधित पुस्तकों को एकत्र करते जाएं। आंसर राइटिंग करते-करते राह आसान हो जाती है। कहा कि वह मुरादाबाद में रहकर छात्र-छात्राओं को पीसीएस की तैयारी करा रहे हैं।
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