Kanpur: डी-टू गैंग के सरगना अतीक व इरशाद को आजीवन कारावास; अधिवक्ता की हत्या करने पर मिली सजा...

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Edited By Amrit Vichar
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अधिवक्ता की हत्या करने पर डी-टू गैंग के सरगना को सजा सुनाई गई है।

डी-टू गैंग के सरगना कुख्यात अपराधी अतीक व इरशाद उर्फ बाले को अधिवक्ता की हत्या में मंगलवार को दोषी पाया गया। दोनों को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

कानपुर, अमृत विचार। डी-टू गैंग के सरगना कुख्यात अपराधी अतीक व इरशाद उर्फ बाले को अधिवक्ता की हत्या में मंगलवार को दोषी पाया गया। अपर सेशन न्यायाधीश नवम शेष बहादुर निषाद ने अधिवक्ता की ताबड़तोड़ गोली मार कर हत्या करने के मामले में दोषियों को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बाले कानपुर जेल व अतीक आगरा जेल में बंद है। 

शहर में आतंक का पर्याय डी-टू गैंग के सरगना इरशाद उर्फ बाले व उसके भाई अतीक को कुली बाजार निवासी अधिवक्ता खुर्शीद अहमद की हत्या का दोषी पाया गया। खुर्शीद के चचेरे भाई कुली बाजार निवासी मो.नासिर ने मार्च 2004 कोतवाली थाने में अतीक, रफीक, बिल्लू व बाले के रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मो. नासिर ने बताया था कि 24 मार्च 2004 की शाम वह अपने चचेरे भाई खुर्शीद अहमद के साथ स्कूटर में पीछे बैठकर कचहरी से परेड चौराहे की ओर जा रहा था। 

वह लोग डीएवी लॉ कॉलेज के गेट के पास पहुंचे ही थे, तभी पहले से घात लगाए अतीक, रफीक, बिल्लू व बाले ने खुर्शीद पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी, जिससे खुर्शीद लहुलूहान होकर गिर पड़े थे। नासिर मुंशी महमूद अहमद के साथ खुर्शीद को लेकर उर्सला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। नासिर ने अतीक, रफीक, बिल्लू व बाले के खिलाफ कोतवाली थाने में हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

रफीक व बिल्लू की मौत के अतीक व बाले के खिलाफ मुकदमा चलाया गया। मामला अपर सेशन न्यायाधीश नवम शेष बहादुर निषाद की कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी मो. नासिर व खुर्शीद के भाई इफ्तखार अहमद समेत 10 गवाह पेश किए गए थे। कोर्ट ने सबूतों के आधार पर इरशाद उर्फ बाले व अतीक को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। 

गोलीबारी में नासिर को क्यों नहीं लगी चोट

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता शराफत अली कुरैशी ने घटना पर संदेह जताते हुए कोर्ट को बताया कि अतीक ने नासिर के बड़े भाई को मारा था, जिसके बाद से वह अतीक से रंजिश रखता था। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि घटना के दौरान नासिर स्कूटर में पीछे बैठे हुए थे। तर्क दिया कि ताबड़तोड़ गोलीबारी के दौरान नासिर को चोट क्यों नहीं लगी।

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