Budget 2024: 'आम आदमी को मिले राहत... किसानों का भी दर्द समझे सरकार', जानिए और क्या बोले बरेलीवासी?
बरेली, अमृत विचार। केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट सत्र आज यानी बुधवार से शुरू हो गया है। गुरुवार को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट पेश करेंगी। जबकि नई सरकार कार्यभार संभालने के बाद पूर्ण बजट पेश करेगी। वहीं लोकसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में इस बजट से हर वर्ग के लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
व्यापारी मांगे टैक्स में छूट, गृहणियां चाहें सस्ता किचन
व्यापारी वर्ग का कहना है कि व्यापारी सबसे ज्यादा टैक्स पे करता है, इसलिए बजट में सरकार उनके लिए टैक्स में छूट दे और जीएसटी के सरलीकरण के साथ ही महंगाई पर भी कंट्रोल हो। इसके अलावा ऑनलाइन कारोबार से व्यापारियों को जो समस्याएं हो रही हैं, उनका भी समाधान किया जाना चाहिए।
वहीं गृहणियों का कहना है कि सभी की सुविधा के अनुरूप बजट होना चाहिए, जिसमें आम आदमी की किचन का भी ध्यान रखा जाए। सब्जियों और राशन के साथ ही सिलेंडर के दाम भी आम आदमी के बजट के हिसाब से होने चाहिए।
किसान को बजट उम्मीद
वहीं किसान भी सरकार से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि किसान छुट्टा पशुओं से बहुत दुखी हैं, जो उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा कर उन्हें बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में सरकार छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की व्यवस्था करे---छत्रपाल सिंह, किसान।
यूरिया-एनपीके, डीजल और कीटनाशक दवाइयां भी काफी महंगी हैं, जिससे खेती में किसानों को कुछ नहीं बच रहा है---किशन नारायण, किसान।
साथ ही किसानों ने गन्ने का मूल्य 20 रुपए बढ़ाने को नाकाफी बताते हुए किसान सम्मान निधि भी दोगुनी करने की भी मांग उठाई--- राजेश पटेल, किसान।
सरकार अमीरों से जो ले, गरीबों को दे राहत
गरीब तबके के हिसाब से ही बजट बनाया जाए, क्योंकि महंगाई की मार सिर्फ गरीबों के लिए ही होती है। सरकार अमीरों से जो चाहें ले, लेकिन गरीबों को कुछ राहत दी जाए---डॉ. बृजेश्वर सिंह, अध्यक्ष, दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट।
आयकर दाताओं को राहत देने हुए स्लैब में परिवर्तन किया जाना चाहिए और एजुकेशन के लिए ज्यादा से ज्यादा बजट दिया जाए। जिससे नई शिक्षा नीति से जुड़ीं जरूरी आवश्यकताओं को पूरा किया सके---प्रो. बीपी सिंह, बरेली कॉलेज।
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