अल्मोड़ा: पेयजल योजना ना बनी तो अधिकारियों का करेंगे घेराव 

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अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिला मुख्यालय पर चार साल पूर्व स्वीकृत पांडेखोला पेयजल समूह योजना का कार्य शुरू ना होने पर स्थानीय लोगों ओर जनप्रतिनिधियों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने योजना का काम शीघ्र पूरा ना करने पर अधिकारियों के घेराव और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

पेयजल योजना का निर्माण ना होने से नाराज क्षेत्र के खत्याड़ी, तलाड़बाड़ी, रेखोली, स्यालीधार समेत अनेक गांवों के लोगों का शिष्टमंडल जल निगम के अधिकारियों से मिला। अधिकारियों से वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि चार साल पहले जल जीवन मिशन योजना के तहत पांडेखोला पेयजल समूह योजना को स्वीकृत किया गया था। लेकिन बाद में वन विभाग और डीआरडीओ इस योजना के बीच में वन क्षेत्र होने के कारण योजना में रोक लगा दी थी।

जिसके बाद योजना के निर्माण के लिए दूसरी जगह भूमि चयनित कर ली गई थी। लेकिन भूमि चयन और उसमें कोई अवरोध ना होने के बाद भी आज तक इस योजना का काम शुरू नहीं हो पाया है। शिष्टमंडल के सदस्यों के कहा कि ग्रामीणों को उम्मीद थी कि योजना का निर्माण होने के बाद उनकी पेयजल समस्या का निदान हो जाएगा।

लेकिन योजना का निर्माण ना हो पाने के कारण हर घर नल योजना अस्तित्व में नहीं आ पा रही है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से इस योजना को शीघ्र पूर्ण करने की मांग की है। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर शीघ्र कार्य शुरू नहीं किया गया तो वह अधिकारियों के घेराव के साथ ही उग्र अांदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। 

अधिकारियों से मिले शिष्टमंडल में क्षेत्र पंचायत सदस्य हितेश नेगी, ग्राम प्रधान तलाडबाड़ी किशन बिष्ट, ग्राम प्रधान रेखोली हेम भंडारी, हरीश कनवाल, महेंद्र सिंह रावत, मोहन सिंह कनवाल, गौरव कनवाल आदि मौजूद रहे।

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