आगरा: सड़कों पर हो जाएं अब सावधान, पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे आप

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

तुषार चौहान, आगरा। पर्यटन की नगरी आगरा सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना यातायात पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए आगरा यातायात पुलिस ने नई तकनीक के साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट करने की कवायद शुरू की ही। जिसका नतीजा अब आगरा में यातायात की बदलती तस्वीर के रूप में सामने आ रहा है। 

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी आगरा में सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आगरा यातायात पुलिस द्वारा नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। जहां एक ओर शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट सिटी और गूगल मैप की ओर से आगरा के सभी चौराहों और सड़कों को ट्रैफिक पुलिस के सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। जहां से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखी जाती है। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को बनाने के लिए कुछ और भी फीचर जोड़े गए हैं, जिससे ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों और यातायात को नियम तोड़ने वाले लोगों सभी पर खास निगरानी की जाती है। 

इन फीचर्स के बारे में बताते हुए एसीपी ट्रैफिक सैयद अरीब अहमद ने बताया कि एक माह पूर्व पुलिस लाइन यातायात कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जहां से ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीम पूरे शहर यातायात पर नजर रखती है। उन्होंने बताया कि शहर की सड़कों पर यातायात की स्तिथि जानने के लिए गूगल मैप और मेपल एप से भी सेंट्रल कंट्रोल रूम को जोड़ा गया है। 

जिससे किसी भी सड़क या चौराहे पर जाम लगने की स्थिति में कंट्रोल रूम को लाइव जानकारी मिलती रहे। इसके साथ ही सभी चौराहों और बाजारों में लगे स्मार्ट सिटी और नगर निगम के कैमरों को भी कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। जिससे कंट्रोल रूम से चौराहों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने बताया कि इन कैमरों की मदद से न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, बल्कि इससे ट्रैफिक ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों पर भी नजर रखी जाती है। 

उन्होंने बताया कि इस बार एक नया प्रयोग भी शुरू किया गया है। ट्रैफिक सिगनल पर कैमरों के साथ-साथ माइक सिस्टम भी लगाया गया है, जो कि कंट्रोल रूम से कनेक्टेड है। कंट्रोल रूम से कैमरों से नजर रखने के साथ ही इन माइक के जरिए जरूरी इंस्ट्रक्शन भी दिए जाते हैं। जिससे अब ट्रैफिक सिग्नल पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामलों में कटौती देखने को मिल रही है। 

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई तकनीक की मदद से अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले यदि को वाहन स्वामी सिग्नल तोड़कर या ओवरस्पीडिंग करके निकल जाते थे और यह सोचते थे कि पुलिस से बच गए हैं। उनको भी यह जान लेना चाहिए कि नए सिस्टम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का डाटा दर्ज हो जाता है और एक दो दिन नहीं बल्कि उस वाहन को कई दिनों तक ट्रैक किया जाता है, जिससे भविष्य में दोबारा गलती करने की स्तिथि में उस वाहन का चालान और जरूरत पड़ने पर सीज करने की कार्रवाई भी की जा सके।

यह भी पढ़ें- Agra News: अमेरिकी राजदूत ने परिवार समेत देखा हाथी और भालू संरक्षण केंद्र

संबंधित समाचार