हल्द्वानी: दंगे में नहीं, शराब पीकर गिरने से हुई थी राजेश की मौत
हल्द्वानी, अमृत विचार। कल तक जिस राजेश को दंगे से जोड़कर देखा जा रहा था, अब उसकी मौत के रहस्य से पर्दा उठ चुका है। उसकी मौत शराब पीकर गिरने की वजह से हुई थी। पुलिस ने इस मामले की विस्तृत जांच की है।
राजेश (35) पुत्र बाबू लाल निवासी वार्ड चार 16 क्वाटर शराब और खर्च के लिए केमू बसों की धुलाई का काम करता था। दंगे के अगले दिन 9 फरवरी को पुलिस ने घायल अवस्था में राजेश को अस्पताल पहुंचाया था। उसके सिर के पीछे चोट का गहरा निशान था और उपचार के दौरान उसकी एसटीएच में मौत हो गई।
सिर पर चोट के निशान के बाद उसकी मौत का कारण दंगाइयों के पथराव में हुआ माना जा रहा था, लेकिन जब पुलिस ने इसकी जांच की तो कहानी कुछ और निकली। कोतवाल उमेश मलिक ने बताया कि राजेश घायल अवस्था में तिकोनिया चौराहे के पास मिला था। वह शराब का लती था और 9 फरवरी को भी वह शराब के नशे में गिर गया था, जिसकी वजह से उसके सिर के पीछे चोट आई और फिर उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया, राजेश की मौत का दंगे से कोई वास्ता नहीं है।
