रुद्रपुर: नाटकीय अंदाज में ठंडा पड़ा रामपाल-सीपी शर्मा का मारपीट प्रकरण
रुद्रपुर, अमृत विचार। विगत दिनों शिलापट को लेकर निवर्तमान मेयर और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष के बीच हुई हाथापाई प्रकरण नाटकीय अंदाज में ठंडा गया है, जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बुधवार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। निवर्तमान मेयर और महानगर अध्यक्ष प्रकरण का पटाक्षेप होना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताते चलें कि 23 फरवरी को शक्ति विहार कॉलोनी के मुख्य गेट पर लगा शिलापट हटाने को लेकर निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा के बीच मारपीट की घटना हुई थी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत करने का मुद्दा उठाया था।
इसके अलावा सीपी ने निवर्तमान मेयर पर बाहरी बदमाशों के साथ मिलकर हमला करने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी तक दे डाली थी। रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करना माहरा की मौजूदगी में सैकड़ों कांग्रेसियों ने गिरफ्तारी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया था। साथ ही बुधवार को गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी थी। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ था।
मंगलवार की देर शाम अचानक निवर्तमान मेयर और महानगर अध्यक्ष मारपीट प्रकरण के पटाक्षेप की चर्चा सुर्खियों में आने लगी। बताया जा रहा है कि कॉलोनी के लोगों ने दोनों के बीच आपसी समझौता करवा दिया और सत्ता की हनक के आगे आखिरकार कांग्रेस को बैकफुट पर आने की चर्चाएं भी जोरों पर है।
बताया यह भी जा रहा है कि समझौता वार्ता के दौरान कांग्रेस के जिला स्तरीय नेताओं की भी अहम भूमिका रही है। रामपाल और सीपी शर्मा के बीच विवाद के शहर का सियासी पारा बहुत गर्म हो गया था। अचानक विवाद का पटाक्षेप होना कार्यकर्ताओं को सोचने पर विवश करने लगा है। वहीं पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
इन मुद्दों पर हुआ रामपाल-सीपी शर्मा का समझौता
-शिलापट को मुख्य गेट से हटाकर दूसरे स्थान पर लगाने।
-कॉलोनी वासियों के सुझाव को सर्वोपरि मनाने।
-तहरीर पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने।
-पटाक्षेप के बाद हमलावरों का मुद्दा नहीं उठाने।
-मुख्य गेट व गार्ड रूम का निर्माण जल्द करवाने।
-निवर्तमान मेयर व महानगर अध्यक्ष के फैसलों को सोसायटी के सामने रखने।
निवर्तमान मेयर से उनकी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। एक ही कॉलोनी के बाशिंदे होने के कारण मुख्य गेट के चौड़ीकरण एवं शिलापट को सम्मानपूर्वक हटाने का निर्णय उनका व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि कॉलोनी वासियों की सहमति का निर्णय था। मगर गलतफहमी के कारण मारपीट का विवाद हुआ और निवर्तमान मेयर के पक्ष के लोग घर पर आए और समझौता कराकर पटाक्षेप किया। अब वह किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
-सीपी शर्मा, महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस
निगम द्वारा कराए गए 12.5 किमी. सड़क निर्माण का शिलापट उनके कार्यकाल में लगा हुआ था। शिलापट्ट पर नाम को लेकर महानगर अध्यक्ष के बीच मतभेद प्रारंभ हुआ था। शुक्रवार को इसी गलतफहमी के कारण मारपीट की घटना हो गई। मगर मंगलवार की शाम को शहर के अलावा कॉलोनी के संभ्रांत नागरिकों के हस्तक्षेप के बाद प्रकरण का निपटारा हुआ और आपसी सुलह के बाद शिलापट विवाद भी निपट गया है। अब वह किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
-रामपाल सिंह, निवर्तमान मेयर, रुद्रपुर
