देहरादून: प्रदेश के 46 महाविद्यालयों को 5.30 करोड़ से मिलेंगे लैब उपकरण
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण आदि खरीदने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से 5.30 करोड़ रुपये के बजट को वित्तीय मंजूरी मिली है। प्रदेश के 46 महाविद्यालयों को पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत यह लाभ मिला है।
5.30 करोड़ की धनराशि से कुमाऊं मंडल के 16 और गढ़वाल के 30 महाविद्यालयों में संचालित लैब के लिए नए उपकरण खरीदे जाएंगे। उच्च शिक्षा उपनिदेशक आरएस भाकुनी ने बताया कि निदेशालय स्तर से बजट आवंटित कर दिया है। अब सभी डिग्री कॉलेज अपने स्तर से बजट खर्च करेंगे।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले सभी कॉलेज अपनी लैब के लिए उपकरण और इससे संबंधित सामान खरीदेंगे। इस संबंध में उत्तराखंड शासन के अपर सचिव डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा है।
महाविद्यालय का नाम धनराशि (लाख रुपये में)
1.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत 14
2.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोमेश्वर 12
3.राजकीय महाविद्यालय जैंती 12
4.राजकीय महाविद्यालय कपकोट 10
5.राजकीय महाविद्यालय गरूण 10
6.कांडा 12
7.राजकीय महाविद्यालय देवीधुरा 12
8.राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी 10
9.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग 12
10.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुनस्यारी 8
11.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर 12
12.राजकीय महाविद्यालय मालधनचौड़ 8
13.राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग 12
14.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़ 12
15.राजकीय महाविद्यालय सितारगंज 12
-इस सूची में उपरोक्त कॉलेज समेत स्नातक व स्नातकोत्तर के कुल 46 कॉलेज शामिल हैं।
एमबीपीजी कॉलेज में 8 करोड़ से तैयार हो रहा योगा भवन
एमबीपीजी कॉलेज में 8 करोड़ रुपये से योगा भवन तैयार हो रहा है। भवन का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। आचार संहिता से पहले काम पूरा होने पर इसका लोकार्पण किया जा सकता है। भवन में योगा के साथ ही अंग्रेजी, संस्कृत, शिक्षाशास्त्र विभाग की कक्षाएं चलाई जाएंगी।
एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य एनएस बनकोटी ने बताया कि भवन का काम पूरा होने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि योगा भवन बनने से विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगा। इधर, लोकसभा चुनावों को लेकर कस्तूरबा भवन और कॉमर्स विभाग के भवन का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां चलने वाली कक्षाओं को ऑनलाइन चलाया जा रहा है।
