हल्द्वानी: रंजिश में गढ़ी पॉक्सो की कहानी, महिला पर दर्ज होगा उल्टा मुकदमा
हल्द्वानी, अमृत विचार। अधिवक्ता से रंजिश भुनाने के लिए एक महिला ने पॉक्सो की झूठी कहानी गढ़ी, जो कोर्ट में टिक नहीं सकी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो नंदन सिंह राणा की अदालत ने महिला के आरोप झूठे पाए और मुकदमा खारिज कर दिया। अधिवक्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा दायर करना महिला को भारी पड़ गया है।
हल्द्वानी तल्ली बरेली रोड निवासी अधिवक्ता शिवकुश सक्सेना ने बताया कि उनका पड़ोसी सत्यमवदा उर्फ अनुप्रिया, अनुप्रिया का पति शंकर मंडल उर्फ सागर सिंह निवासी पुरानी आईटीआई बरेली रोड से घर के आगे दवा जलाने को लेकर कई वर्ष पहले विवाद हुआ था।
महिला व उसके पति ने शिवकुश पर जानलेवा हमला किया, जो वहीं लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। जिसके आधार पर अधिवक्ता ने महिला व उसके पति पर तीन मुकदमे दर्ज कराए। दोनों पर चार सिविल के मामले भी चल रहे हैं। जिनसे पति-पत्नी के मुकदमे चल रहे हैं, उनका केस भी शिवकुश लड़ रहे हैं।
एक मुकदमे में कुर्की भी की गई। उसके दो दिन बाद अनुप्रिया ने अपनी बेटी के जरिये अधिवक्ता के खिलाफ पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया और अधिवक्ता पर उनके विरुद्ध दर्ज 7 मुकदमे वापस लेने का दबाव बनाने लगी। बात नहीं बनी तो छोटी बेटी से पॉक्सो में मुकदमा दर्ज करा दिया और फिर अधिवक्ता से 10 लाख रुपये की मांग करने लगी। समझौते के बजाय शिवकुश ने कोर्ट में चुनौती दी।
कोर्ट में अनुप्रिया आरोप सिद्ध नहीं कर पाई। शिवकुश पर लगे आरोपों को 11 पुलिस अधिकारियों की जांच पहले ही खारिज कर चुकी थी। शिवकुश ने बताया, महिला ने महिला कानून और पॉक्सो कानून का दुरुपयोग किया है। अब महिला पर झूठा मुकदमा दर्ज करने के साथ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
