बरेली: वायु सेना के जवान और स्वास्थ्यकर्मी समेत 61 कोरोना संक्रमित
बरेली, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार की देर शाम को जारी की गई सूची के मुताबिक 61 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं शुक्रवार को भी जिले में किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है। अब जिले में संक्रिय संक्रमितों की संख्या 1019 पर पहुंच चुकी है। इससे …
बरेली, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार की देर शाम को जारी की गई सूची के मुताबिक 61 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं शुक्रवार को भी जिले में किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है। अब जिले में संक्रिय संक्रमितों की संख्या 1019 पर पहुंच चुकी है। इससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने चैन की सांस ली है। सीएमओ डा.वीके शुक्ल ने बताया कि शुक्रवार को वायुसेना का जवान, हजियापुर का अर्बन हैल्थ सेंटर का स्वास्थ्यकर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
इनके साथ ही आरटीओ कार्यालय और बैल कोल्हू बीए एग्रो परसाखेड़ा कंपनी का एक कर्मचारी भी संक्रमित आया है। इनके अलावा धौर्रा रोड, बारी नगला, रामपुर गार्डन नबाबगंज, जोखनपुर, इज्जतनगर, पीर बहोता, अवध प्लाजा जनकपुरी आवास विकास, एसआरएमएस, छोटी बामनपुरी, फेज-2 तुलसीनगर, रूकुमपुर, बसंत सिनेमा, रामपुर गार्डन, सुपर लेजर क्लीनिक रामपुर गार्डन, बृजलोक कालोनी, मढिया फरीदपुर, बिलसांडा, शास्त्री नगर, पंजाबपुरा, अलीगंज, पुरानी चांद मारी कालीचरन मार्ग सुभाष नगर, श्यामगंज, सबी गंज, सिद्धार्थ नगर हार्टमेन रोड, खंडेलवाल फारसी टोला, एकता नगर, मार्डन फ्लेटस पाल आटा चक्की के पास राजेंद्र नगर, प्रेमनगर आदि स्थानों पर संक्रमित मिले है।
संक्रमित का हाल पूछने को सीएमएस के पास फोन करते हैं परिजन
कोरोना मरीजों के लिए शुरू किया गया 300 बेड कोविड अस्पताल में फोन न होना परेशानी का सबब बन चुका है। पूरे अस्पताल में सिर्फ सीएमएस कार्यालय में ही फोन लगा हुआ है। ऐसे में मरीज की हालचाल लेने के लिए उनके परिजन उसी नंबर पर फोन करते हैं, जिससे सीएमएस डा. वागीश वैश्य काफी असहज हैं। सीएमएस के मुताबिक, निर्देशानुसार किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज को मोबाइल रखने की मनाही है। ऐसे में उनके परिजन मेरे कार्यालय में लगे फोन पर फोन कर अपने मरीज का हाल चाल लेते हैं। इससे काफी व्यवधान पड़ता है और कार्य बार-बार बाधित होता है। जल्द ही कोरोना मरीजों के वार्ड के पास फोन लगवाया जाएगा जिससे परिजन उस नंबर पर फोन कर अपने मरीज से बातचीत कर सकें।
