बरेली: अब अमेरिका के वैज्ञानिकों के साथ काम करेगा IVRI, एंटी रैबीज वैक्सीन के ओरल प्रयोग पर की चर्चा

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अमेरिका के ग्लोबल हेल्थ इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर ने किया आईवीआरआई कैंपस का भ्रमण

बरेली, अमृत विचार। देश में रैबीज के नियंत्रण के लिए वैक्सीन तो अमेरिका में ओरल मेडिसन दी जा रही है। एंटी रैबीज वैक्सीन के ओरल प्रयोग पर चर्चा करने के लिए सोमवार को अमेरिका की ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट, स्कूल ऑफ वेटरनरी मेडिसिन यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मेडिसन के डायरेक्टर डाॅ. जार्ज ई ओसोरियो आईवीआरआई पहुंचे। यहां उन्होंने आईवीआरआई की ओर से तमाम बीमारियों के विकसित किए गए टीके के बारे में जानकारी ली।

एंटी रैबीज के टीके को पशुओं को ओरल के रूप में देने के भारतीय परीक्षण में आईवीआरआई और ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट, स्कूल ऑफ वेटरनरी मेडिसिन यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मेडिसन के बीच अनुबंध किया गया है। अनुबंध के तहत आईवीआरआई के वैज्ञानिक डाॅ. एम स्वामीनाथन अमेरिका में रहकर ओरल दवा पर शोध करेंगे। साथ ही अफ्रीकन स्वाइन फीवर, एवियन इन्फ्लुएंजा, नीपा वायरस के नियंत्रण के लिए भी ओरल वैक्सीन पर काम भी करेंगे।

निदेशक डाॅ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय के शोधार्थी को आईवीआरआई तो यहां के शोधार्थियों को अमेरिका शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जाएगा। संयुक्त निदेशक कैडराड डाॅ. केपी सिंह ने बताया कि डॉ. जॉर्ज मंगलवार को दिल्ली में एम्स के महानिदेशक, स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव से समग्र स्वास्थ्य के तहत रैबीज नियंत्रण के लिए ओरल वैक्सीन के भारत में प्रयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। डाॅ. एसके सिंह, डाॅ. रूपसी तिवारी, डाॅ. एस के मेंदीरत्ता, डाॅ. जी साईकुमार, डाॅ. फिरदौस, डाॅ. एम स्वामी नाथन मौजूद रहे।

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