बरेली: कुत्ते के काटने से हो गई ग्रामीण की मौत, आईडीएसपी को पता नहीं लगा

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ प्रशिक्षण में आईडीएसपी के प्रभारी गए तो हुई जानकारी

बरेली, अमृत विचार। कुत्ते के हमले में घायल व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन एकीक्रत राेग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) से जुड़े अफसरों को जानकारी नहीं हुई। जब आईडीएसपी के प्रभारी लखनऊ में प्रशिक्षण को गए तो पता चला। इससे मरीजों की निगरानी करने वाले तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं।

भमोरा निवासी सूर्यकांत (40) को जनवरी में कुत्ते ने काट लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सीएचसी ले गए। वहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था, रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। जनवरी के अंत में आईडीएसपी के प्रभारी लखनऊ मुख्यालय पर ट्रेनिंग में शामिल होने गए तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। फरवरी में विभागीय पोर्टल पर सूचना दर्ज की गई। इससे स्वास्थ्य विभाग की आईडीएसपी टीम की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

तीन वर्षों में 14 मरीज तोड़ चुके हैं दम
आईडीएसपी की रिपोर्ट के अनुसार रैबीज से 2022 में सबसे अधिक 10, 2023 में तीन और 2024 में अब तक एक मरीज की मौत हो चुकी है। इस वर्ष जनवरी से अब तक करीब साढ़े दस हजार मरीजों को वैक्सीन लग चुकी है। जिसमें सबसे अधिक नौ हजार मामले कुत्ते काटने के सामने आए हैं।

मैं लखनऊ प्रशिक्षण लेने गया तो वहां बरेली के मरीज की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद पोर्टल पर अपडेट किया गया-डॉ. मीसम अब्बास, प्रभारी, आईडीएसपी।

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