बरेली: मास्क पहनकर कलाकारों ने किया रामलीला का मंचन
बरेली,अमृत विचार। श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति की ओर से कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी उत्तर भारत की 452 वर्ष पुरानी रामलीला का आयोजन शुरू हो गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने रविवार को चौधरी तालाब मैदान पर पूजा-अर्चना कर रामलीला का शुभारंभ किया। पूजन में सभी देव स्वरूप मास्क पहने …
बरेली,अमृत विचार। श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति की ओर से कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी उत्तर भारत की 452 वर्ष पुरानी रामलीला का आयोजन शुरू हो गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने रविवार को चौधरी तालाब मैदान पर पूजा-अर्चना कर रामलीला का शुभारंभ किया। पूजन में सभी देव स्वरूप मास्क पहने नजर आए। कलाकारों के लिए भी यह पहला मौका है जब वे मास्क पहनकर रामलीला का मंचन कर रहे हैं। पूजन के बाद सती मोह, दक्ष यज्ञ, पार्वती जन्म, शिव-पार्वती संवाद किया गया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि यह उत्तर भारत की सबसे पुरानी रामलीला है। इस कोरोना महामारी में सजग तौर से रामलीला करवाई जा रही है। इसका पूरा श्रेय अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा को जाता है।

समिति के अध्यक्ष रामगोपाल ने कहा कि इस वर्ष 453वां आयोजन किया जा रहा है। हमारा सौभाग्य है कि भगवान श्रीराम का नाम संकट की घड़ी में मंचन के माध्यम से भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार इस समिति के 15 साल तक अध्यक्ष रहे हैं। उनके मार्गदर्शन से आज इस रामलीला को देश में हर जगह पहचान मिली है। इस रामलीला के मंचन के लिए अयोध्या के कलाकार आए हैं। हालांकि, इस बार शोभायात्रा व मेले पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है। इस मौके पर गुलशन आनंद, दीपेश अग्रवाल, प्रभु नारायण तिवारी, डीके वाजपेयी, अमित अवस्थी, धीरेंद्र शुक्ला, कृष्ण चंद्र दीक्षित, ब्रजेश प्रताप सिंह, रजनीश वाजपेयी, मुनीष मिश्रा, शिव नारायण दीक्षित, आदित्य मिश्रा आदि रहे।

कब क्या होगा
12 अक्टूबर- नारद अभिमान, रावण जन्म, पृथ्वी देवताओं की करुण पुकार, स्थान चौधरी तालाब
13 अक्टूबर- भगवान का वरदान, श्रीरामजन्म बाल लीला, जानकी जन्म, स्थान चौधरी तालाब
14 अक्टूबर- ताड़का वध, गंगा कथा, स्थान चौधरी तालाब
15 अक्टूबर- धनुष यज्ञ, लक्ष्मण परशुराम संवाद, स्थान चौधरी तालाब
16 अक्टूबर- श्रीराम बरात, राम विवाह, स्थान चौधरी तालाब
17 अक्टूबर- राज्याभिषेक की तैयारी, दशरथ कैकेयी संवाद, स्थान चौधरी तालाब
18 अक्टूबर- तमसा नदी पास, भारद्वाज मुनि संवाद, रामभरत मिलन, स्थान बड़ा बाग
19 अक्टूबर- श्रीराम का प्रस्थान, राक्षस वध, स्थान बड़ा बाग
20 अक्टूबर- सूपर्णखा अंगहीन, खरदूषण वध, मारीच प्रसंग व वध, स्थान बड़ा बाग
21 अक्टूबर- जटायु प्रसंग, श्रीराम हनुमान मिलन, स्थान बड़ा बाग
22 अक्टूबर- श्रीराम सुग्रीव, सीता खोज, हनुमान सीता मिलन, स्थान बड़ा बाग
23 अक्टूबर- विभीषण शरणागत, कुम्भकरण वध, स्थान बड़ा बाग
24 अक्टूबर- मेघनाथ वध, सुलोचना सती, अहिरावण वध, स्थान बड़ा बाग
25 अक्टूबर- विजयादशमी, विभीषण राजतिलक, जानकी मिलन, स्थान बड़ा बाग
26 अक्टूबर- भरत मिलाप, स्थान रानी साहब फाटक
27 अक्टूबर- राज्याभिषेक, राज तिलक, स्थान रानी साहब फाटक
