नानकमत्ता: बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड - तीन और षड्यंत्रकारियों को पुलिस ने दबोचा
नानकमत्ता, अमृत विचार। डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने शूटरों को कार उपलब्ध कराने वाले सहित तीन षड्यंत्रकारियों को गिरफ्तार किया है। जबकि चार षडयंत्रकारियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। पुलिस द्वारा राइफल उपलब्ध कराने के मामले में पुछताछ की जा रही है। दोनों शूटरों सहित अन्य षड्यंत्रकारी भी पुलिस की रडार पर हैं।
28 मार्च को नानकमत्ता डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की डेरे में घुस कर मोटर साइकिल सवार दो सिख शूटरों ने बाबा पर 315 बोर की पौनी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दिया था। पुलिस ने हत्या के षडयंत्र में पहले ही चार षड्यंत्रकारियों दिलबाग सिंह, बलकार सिंह, हरविंदर सिंह उर्फ पिंदी और अमरदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उनके कब्जे से पुलिस ने दो कारें भी बरामद की थी।
नानकमता देने में हत्या के मामले की ब्रीफिंग करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी एवं पूछताछ में प्रकाश में आया है कि प्रगट सिंह पुत्र सोबरन सिंह निवासी तुलापुर थाना विलसंडा पीलीभीत, सुल्तान सिंह ग्राम दडहा थाना विलासपुर, सतनाम सिंह निवासी कुइयां महोलिया थाना बंडा शाहजहांपुर भी बाबा तरसेम सिंह की हत्या में शामिल हैं। पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी पर परगट सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
इधर विवेचना में यह भी प्रकाश में आया है कि हत्या के लिए इस्तेमाल की गई 315 बोर की रायफल बाजपुर निवासी जसपाल सिंह भट्टी उर्फ मिंटू पुत्र सतपाल सिंह निवासी केशोवाला मोड़ थाना बाजपुर और सुखदेव सिंह गिल उर्फ सोनू गिल पुत्र सत्यपाल सिंह निवासी बन्नाखेड़ा थाना बाजपुर ने षडयंत्र में शामिल होकर मुहैया कराई थी।
शूटर अमरजीत और सरबजीत सिंह को उसी दिन बाजपुर में 17 मार्च को जसपाल सिंह की स्विफ्ट कार भी मुहैया कराई गई थी। जिसे पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। पुलिस ने शनिवार को जसपाल सिंह भट्टी और रविवार को सुखदेव सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया है।
जसपाल पर 10 और सुखदेव पर दो मामले हैं दर्ज
एसएसपी मंजूनाथ ने बताया कि पकड़े गए षड्यंत्रकारी जसपाल सिंह भट्टी के खिलाफ वर्ष 2006 से अबतक बाजपुर, रुद्रपुर, बिलासपुर रामपुर, बारादरी बरेली, नानकमता में 10 मामले दर्ज हैं जिसमें उत्तराखंड और उत्तर परदेश में हत्या के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011में जसपाल और सुखदेव बाजपुर से हत्या के मामले में एक साथ जेल जा चुके हैं।
यह भी बताया की शूटर अमरजीत और जसपाल सिंह भट्टी फुफेरे भाई हैं और दोनों मूलरूप से सीहोर विलासपुर के रहने वाले हैं। दोनों 2014 में रुद्रपुर से एटीएम चोरी और पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में जेल जा चुके हैं। दूसरे पकड़े गए अभियुक्त सुखदेव सिंह के खिलाफ 2011 में बाजपुर और अब नानकमता में मामला दर्ज है वहीं पुलिस तीसरे गिरफ्तार परगट सिंह की कुंडली खंगालने में लगी है। वांछित षड्यंत्रकारी सुलतान सिंह के खिलाफ दर्ज हैं 11 मामले।
...और षड्यंत्रकारी है पुलिस रडार पर -एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस को कुछ और षड्यंत्रकारियों के सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सूत्रों पर एक लाख रूपये के इनाम की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि बाबा की हत्या के मामले में हत्यारों के साथ ही हर षड्यंत्रकारी पकड़ा जाएगा।
