रामनगर: ...तो नगर पालिका रामनगर में पांच साल में बढ़े 440 वोटर
विनोद पपनै, रामनगर, अमृत विचार। प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में नगर पालिका रामनगर में मतदाताओं की संख्या वाला आंकड़ा चौंकाने वाला है। वर्ष 2019 के चुनाव में नगर पालिका में कुल मतदाताओं की संख्या 35117 थी, जो अब 35557 ही पहुंची है। पांच साल में कुल 440 मतदाताओं का बढ़ना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है।
नगर क्षेत्र में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए सिर्फ पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है। आम नागरिकों की उदासीनता भी इसके लिए जिम्मेदार है। लोग घर में नए मतदाता का नाम स्वयं जोड़ने, दिवंगत हो चुके सदस्य व नगर छोड़ चुके सदस्य का नाम मतदाता सूची में कटाने के प्रति भी जागरूक नहीं है।
मतदान के दिन नाम न होने पर नाराजगी व्यक्त करना एक परिपाटी बन गया है। वहीं घर-घर मतदाताओं की जानकारी जुटाने के बावजूद नाम मात्र संख्या बढ़ने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि जनवरी 2024 में ही घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाई गई थी और नगर निकाय निर्वाचन ने गृह स्वामी को रसीद दी थी। बहरहाल, इस मामले की गहनता से जांच किये जाने की जरूरत है।
पांच साल में मात्र 440 मतदाता बढ़ने के मामले की जांच होनी चाहिए, यह गंभीर मसला है। लोकसभा चुनाव में भी यह दिक्कत आयी थी। नए मतदाता को शत-प्रतिशत मतदाता सूची से जोड़ना राज्य निर्वाचन की जिम्मेदारी है। मतदाता सूची में नाम न जुड़ने से वंचित रहने की दिशा में संबंधित के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जानी चाहिए।
- नरेंद्र शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
निकाय चुनाव से संबंधित पांडुलिपियां भीमताल से मंगवाई गई हैं। जिन्हें एक सप्ताह तक नगर पालिका के सभागार में रखा जाएगा। जिसे देखकर मतदाता नाम घटाने व बढ़ाने का आवेदन कर सकेंगे। उस दौरान जो नाम सूची में बढ़ने होंगे या घटाने होंगे उन्हें युद्धस्तर पर किया जाएगा।
- महेंद्र यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
