रुद्रपुर: 16 हजार के जाली नोट मिलने पर प्रबंधक ने कराया मुकदमा 

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। थाना पंतनगर में 16 हजार रुपये के जाली नोट प्रकरण में आरबीआई के प्रबंधक दावा विभाग की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर अज्ञात जमाकर्ता को चिह्नित करने और नोटों की जांच करवाने की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी मार्ग कानपुर निवासी आईपीएस गहलौत ने बताया कि उनकी भारतीय रिजर्व बैंक में प्रबंधक दावा अनुभाग निर्गमन विभाग में तैनाती है। 20 अगस्त 2023 को दो हजार के छह नोट और 25 अगस्त 2023 को दो हजार रुपये के दो नोट बैंक ऑफ बड़ौदा सिडकुल पंतनगर की ओर से खजाना जमा कराया गया था।

जो जांच खजाना में बैंक द्वारा जमा किए गए तो 16 हजार रुपये जाली पाए गए। जिसका डाटा एनसीआरबी की साइट में अपलोड कर दिया गया। बताया कि भारतीय मुद्रा के जाली नोटों का मुद्रण या फिर परिचालन कर आईपीएस की धारा 48 9 ए और 486 ई का उल्लंघन है और अपराध की श्रेणी में आता है। बताया कि जमा जाली नोट का साजिशकर्ता या वास्तविक जमा कर्ता कौन है। इसकी आरबी आई जांच करवाना चाहता है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस से नोटों की जांच कराने के लिए महाप्रबंधक बैंक नोट प्रेस देवास मध्य प्रदेश,जीएम करेंसी नोट प्रेस नासिक महाराष्ट्र भिजवाने या फिर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भिजवा सकते हैं। इसके अलावा पुलिस जांच में यह पता लगाएं कि जमाकर्ता बैंक कर्मी या फिर सांठगांठ कर जाली नोटों का प्रचलन करने का प्रयास किया है।

आरबीआई के प्रबंधक दावा विभाग की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है और जमा जाली नोटों की जांच को भेज दिया है। पंतनगर थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह डांगी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और पुलिस पड़ताल करेगी कि जमा खजाने में सोलह हजार के जाली नोट कैसे जमा कराए गए। जांच के बाद अज्ञात जमाकर्ता को चिह्नित कर पर्दाफाश किया जाएगा। 

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