KGMU: जन्म से टेढ़े पैर को 42 साल की उम्र में कर दिया सीधा, 14 साल की उम्र से असहनीय दर्द से परेशान था मरीज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

श्रावस्ती के व्यक्ति के पैर का केजीएमयू के आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग में हुआ सफल ऑपरेशन

लखनऊ, अमृत विचार। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक 42 वर्षीय व्यक्ति के टेढो पैर की सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया है। मरीज का पैर जन्म से ही कमर के पास से टेढ़ा था। पैर का मूमेंट होने में दिक्कत होती थी। 14 साल की उम्र से वह असनीय दर्द झेल रहा था। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
 
केजीएमयू में आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि मूल रूप से श्रावस्ती जिले के भिनगा निवासी जीतेन्द्र कुमार (42) का दाहिना पैर जन्म से ही टेढ़ा था। कमर के पास से पैर का मूमेंट नहीं हो रहा था। उसे चलने में काफी कठनाई का सामना करना पड़ रहा था। मरीज 14 साल की उम्र से असहनीय दर्द से परेशान था। कई सरकारी और निजी अस्पतालों में दिखाने के बावजूद लाभ नहीं मिला।

आया था दर्द से निजात पाने, सही हो गया पैर

असहनीय दर्द से परेशान होकर जीतेन्द्र ने करीब एक माह पहले केजीएमयू की ओपीडी में आकर दिखाया था। यहां डॉक्टरों ने एक्स-रे सहित जरूरी जांचे कराई। जिसमें पता चला कि कमर के पास से ही जोड़ में मूमेंट नहीं हो रहा। यह समस्या मरीज को जन्मजात है। डॉक्टरों ने केस हिस्ट्री का परीक्षण कर ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

मरीज और उसके परिजन ऑपरेशन के लिए राजी हो गए। ऑपरेशन में करीब सवा लाख रुपये का खर्च आना था। मरीज आयुष्मान लाभार्थी होने से उसका पैसा भी नहीं लगा। 1 मई को मरीज भर्ती हो गया। सभी जरूरी जांचे कराकर 9 मई को उसका ऑपरेशन कर दिया गया। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। जल्द ही उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

ऑपरेशन करने वाली टीम

डॉ. नरेंद्र सिंह कुशवाहा, एनस्थीसिया के डॉ. विपिन कुमार व उनकी टीम, डॉ. रीतेश चाकू, डॉ.प्रियांक, डॉ.ईश मेधा, डॉ.नीलेश कुमार सिंह और डॉ. जुजेल जमील।

यह भी पढ़ें:-सीतापुर: युवक ने पत्नी और तीन बच्चों सहित मां की गोली मारकर की हत्या, खुद को भी उड़ाया, इलाके में पसरा सन्नाटा

 

संबंधित समाचार