बरेली: ...तो इस बार भी खेल स्पर्धाओं के लिए शिक्षकों को जुटाना पड़ेगा चंदा

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Edited By Amrit Vichar
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गत वर्ष की तुलना में खेल की धनराशि बढ़ी, लेकिन फिर भी कम

बरेली, अमृत विचार। जुलाई में बेसिक शिक्षा विभाग में विद्यालय स्तर पर शुरू होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए विभागीय तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार खेल आयोजन के लिए धनराशि में कुछ इजाफा किया गया है। शिक्षकों के अनुसार जितनी जरूरत होती है, उतनी धनराशि नहीं मिली है। पिछली बार भी शिक्षकों को इसके लिए चंदा करना पड़ा था। क्योंकि बजट तो हर साल आता है, लेकिन स्पर्धाओं में शत प्रतिशत खर्च नहीं किया जाता। ऐसे में शिक्षकों को आपस में समन्वय स्थापित कर ब्लाॅक स्तरीय प्रतियोगिताएं करानी पड़ती हैं।

जुलाई से अगस्त के बीच में खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जानी हैं। सभी ब्लाकों के लिए एक लाख और जिला स्तर पर 52 हजार रुपये की धनराशि जारी की गई है। जबकि पिछले वर्ष ब्लॉक, जिला, मंडल और प्रदेश पर खेल प्रतियोगिताएं कराने के लिए 1 लाख 21 हजार रुपये आवंटित हुए थे। इस बार मंडल स्तर पर प्रतियोगिताओं के लिए 93 हजार 600 रुपये आवंटित हुए हैं। शिक्षकों के अनुसार इस आवंटित धनराशि से प्रतियोगिता संपन्न कराना कठिन होगा।

यह प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी
कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए हॉकी, तैराकी, कुश्ती, हैंडबाल, वालीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट, जिमनास्टिक, कबड्डी, योगासन, व्यायाम, खो-खो, ताइक्वांडो के साथ लोकगीत, लोकनृत्य, अंताक्षरी आदि प्रतियोगिताएं होंगी। इनका आयोजन अलग-अलग वर्ग में विद्यालय, न्याय पंचायत, ब्लॉक, जिला व मंडल स्तर पर होगा। 30 नवंबर तक प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

बच्चों में खेल के प्रति उत्साह को देखते हुए ब्लॉक स्तर पर खेल स्पर्धाएं कराई जाती हैं। इसके लिए शिक्षकों को ही आपस में धन एकत्र कर जरूरी व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं-भानू प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष, यूटा।

खेल स्पर्धाओं के लिए तैयार कराने को लेकर सभी प्रधानाध्यापकों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को पर्याप्त खेल संसाधन मुहैया कराने को विशेष रूप से कहा गया है-संजय सिंह, बीएसए।

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