परिणाम की चिंता छोड़ करें लक्ष्य पर फोकस, सफलता कहेगी आपकी मेहनत की कहानी-पढ़िए कैसे टॉपर बने गोंडा के वरुण
गोंडा, अमृत विचार। इंटरमीडियट की परीक्षा में टॉप करने वाले वरुण शुक्ला का लक्ष्य सिविल सेवा की तैयारी ककना है। वरुण कलेक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहता है। वरुण ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और स्कूल के शिक्षकों को देते हुए कहा कि स्कूल में टीचर्स ने जो कुछ बताया उसने पूरे मनोयोग से उसकी तैयारी की और परिणाम सकारात्मक रहा। सोमवार को जब वरुण के जिला टॉप करने की सूचना उसके परिवार को मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार के लोग वरुण की सफलता पर आल्हादित हैं और उसे बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

बालपुर क्षेत्र के छिटनापुर गांव के रहने वाले वरुण ने हाईस्कूल तक की पढाई बालपुर स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल से की। वरुण ने बताया कि हाईस्कूल में उसे 90 प्रतिशत मार्क्स मिले थे। इसके बाद उसने शहर के सेंट जेवियर्स स्कूल में प्रवेश लिया। दो वर्ष से वह सेंट जेवियर्स का छात्र है। वरुण के पिता अखिलेश शुक्ला इतिहास विषय से परास्नातक हैं और वह मध्यप्रदेश में प्राइवेट जॉब करते हैं। माता किरन शुक्ला गृहणी हैं और वह भी अंग्रेजी विषय से परास्नातक हैं। किरन शुक्ला बेटे की सफलता पर प्रफुल्लित नजर आईं। उन्होने कहा कि वरुण शुरू से ही पढने में मेधावी रहा है। उसका पूरा फोकस अपनी पढाई पर रहता है। वरुण ने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी कर यह सफलता हासिल की है। वरुण ने कहा कि उसने स्कूल के अलावा प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई की है। आगे चलकर वह सिविल सेवा की तैयारी करना चाहता है।
वरुण का कहना है कि जो भी स्टूडेंट परीक्षा में शामिल हो रहे हैं उन्हे बस अपने लक्ष्य पर फोकस करना है। आसपास क्या हो रहा है, लोग क्या कह रहे हैं इस पर ध्यान देने के बजाय अपने गोल पर फोकस करें ,परिणाम की चिंता मत करें। बस कड़ी मेहनत करें। परिणाम में आपकी यह मेहनत दिखाई देगी।
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