बरेली: जिले के बाद अब जोन की क्राइम ब्रांच भी होगी भंग
बरेली,अमृत विचार। जिले की क्राइम ब्रांच भंग होने के बाद अब जोन की क्राइम ब्रांच भी भंग होने वाली है। एडीजी ने सबकी कुंडली तैयार करवा ली है। जो लोग लंबे समय से एसओजी और क्राइम ब्रांच में तैनात हैं उन्हें हटाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। आठ दिन पहले ही बरेली क्राइम …
बरेली,अमृत विचार। जिले की क्राइम ब्रांच भंग होने के बाद अब जोन की क्राइम ब्रांच भी भंग होने वाली है। एडीजी ने सबकी कुंडली तैयार करवा ली है। जो लोग लंबे समय से एसओजी और क्राइम ब्रांच में तैनात हैं उन्हें हटाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
आठ दिन पहले ही बरेली क्राइम ब्रांच के भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल हो गया था। मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने मामले की जांच कराई और फिर टीम में तैनात अब्बास हैदर, गिरीश चंद्र जोशी, रवि प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, रवि शंकर अग्निहोत्री, जितेंद्र राणा, पुष्पेंद्र सिंह, विकास समेत दस लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामला डीजीपी और मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने बरेली शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा और बिजनौर जिलों के कप्तानों से क्राइम ब्रांच को लेकर रिपोर्ट तलब की थी। इसमें सभी पुलिस कप्तानों ने अपने जिले में तैनात क्राइम ब्रांच के दरोगा सिपाही की कुंडली एडीजी को भेज दी है। एडीजी ऑफिस में क्राइम ब्रांच की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दर्जनों सिपाही दरोगा से निकले हैं जो सालों से क्राइम ब्रांच में टिके हुए हैं जबकि वे लोग जिले में अपना समय भी पूरा कर चुके हैं। अब ऐसे लोगों पर एडीजी कार्रवाई का मन बना चुके हैं।
“कई वर्षों से जमे दरोगा और सिपाही क्राइम ब्रांच से हटाए जाएंगे। नए लोगों को टीम में काम करने का मौका मिलेगा। क्राइम ब्रांच की समीक्षा की जा रही है जल्द ही कप्तानों को निर्देश जारी किए जाएंगे।” -अविनाश चंद्र, एडीजी
हमारे नाम पर नहीं है मकान, फर्जी दे रहे सूचना
डीआईजी राजेश कुमार पांडेय के आदेश पर रेंज में पुलिस ने दरोगा सिपाही और इंस्पेक्टर के मकानों की छानबीन शुरू कर दी गई है। सभी दरोगा इंस्पेक्टर और सिपाहियों से इस मामले में शपथपत्र देने को कहा गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बरेली में तैनात कई इंस्पेक्टर दरोगा और सिपाहियों ने फर्जी सूचना पुलिस कप्तान को भेज दी है। उन्होंने तर्क दिया है कि मकान उनके नाम पर नहीं है जबकि मकान उन्होंने अपनी पत्नी और परिवार के किसी सदस्य के नाम पर ले रखा है। वे पत्नी और बच्चों के साथ उसी मकान में रहते हैं। वहीं, पुलिस लाइन में तैनात दरोगा सिपाहियों ने भी फर्जी रिपोर्ट एसएसपी को भेजी है। तमाम सिपाही दरोगा यहां पर 2006 से तैनात हैं। उनका अब तक कहीं तबादला नहीं हुआ है।
