बाराबंकी पहुंचे राज्य सूचना आयुक्त, चढ़ाई चादर, बोले-बूढ़े बाबा की दरगाह भाईचारे की मिसाल
सतरिख/ बाराबंकी, अमृत विचार। बूढ़े बाबा की दरगाह शरीफ सौहार्द एवं भाईचारे की मिसाल है। यहां आकर श्रद्धालुओं के मन को शान्ति मिलती है। यही कारण है कि दिन प्रतिदिन प्रत्येक धर्म एवं समुदाय के जायरीनों की संख्या बढ़ती ही जा रही है और दूर दराज से लोग आकर ‘बूढ़े बाबा’ के आस्ताने पर माथा टेकते हैं। अपनी मनोकामनायें व्यक्त करने के साथ अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।
यह बात कस्बा सतरिख स्थित हजरत सैयद सालार साहू गाजी (रह.) ‘बूढ़े बाबा’ की दरगाह शरीफ पर वार्षिक उर्स/मेले के उद्घाटन अवसर पर जायरीनों के मध्य मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने कही। उन्होंने कहा यहां आकर सदभावना एवं प्रेम का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है। सभी धर्मो के लोग एक दूसरे से कांधे से कांधा मिलाकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। उन्होंने आस्ताने पर फूलों की डाली एवं चादर पोशी की और मुल्क-ए -कौम की सलामती की दुआएं मांगी। इसके बाद ‘बूढ़े बाबा’ के आस्ताने पर हो रही सूफियाना कव्वालियों का लुफ्त लिया।
इस मौके पर प्रबन्ध कमेटी के सचिव चौधरी कलीम उद्दीन उस्मानी, मोहम्मद रियाज़, प्रभारी मेला सरफराज़ अहमद खॉ, फरज़ान उस्मानी, असगर अली अंसारी, फौज़ान उस्मानी, शुजा अहमद, राम सिंह,आदि मौज़ूद रहे।
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