चिराग-सात्विक के ओलंपिक पदक जीतने में विफल रहने के बाद कोच Mathias Boe ने छोड़ी कोचिंग, लिखा इमोशनल नोट 

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पेरिस। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के कोच मैथियास बो ने भारत की शीर्ष बैडमिंटन जोड़ी के पेरिस ओलंपिक से बाहर होने के बाद कोचिंग से संन्यास लेने की घोषणा की। सात्विक और चिराग गुरुवार को यहां पुरुष युगल क्वार्टर फाइनल में मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक से 21-13, 14-21, 16-21 से हार गए। लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता बो टोक्यो ओलंपिक से पहले चिराग और सात्विक के कोच के रूप में उनसे जुड़े थे। 

डेनमार्क के 44 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी बो ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मेरे लिए, कोचिंग के दिन यहीं खत्म हो जाते हैं, मैं कम से कम अभी भारत या कहीं और नहीं जारी नहीं रखूंगा। मैंने बैडमिंटन हॉल में बहुत अधिक समय बिताया है और कोच बनना भी काफी तनावपूर्ण है, मैं एक थका हुआ बूढ़ा आदमी हूं। पेरिस में पुरुष युगल वर्ग में सात्विक और चिराग पदक के दावेदार थे और बो ने उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा, मैं खुद भी इस भावना को अच्छी तरह से जानता हूं। हर दिन कड़ी मेहनत करना, अपने जीवन में सर्वश्रेष्ठ लय में रहना और फिर चीजें वैसी नहीं होतीं जैसी आप उम्मीद करते हैं।

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बो ने कहा, मुझे पता है कि आप लोग निराश हैं, मैं जानता हूं कि आप भारत के लिए पदक लाना चाहते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका। हालांकि बो ने कहा कि भले ही उनके शिष्य पेरिस से पदक लेकर वापस नहीं लौटे लेकिन वह एक संतुष्ट व्यक्ति के रूप में पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, आपके पास गर्व करने के लिए सब कुछ है। आपने इस ओलंपिक शिविर में कितनी मेहनत की है, चोटों से जूझते हुए, दर्द को कम करने के लिए इंजेक्शन भी लिए हैं, यह समर्पण है, यह जुनून है।

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