प्रतापगढ़: दो सगे भाइयों के शवों का अंतिम संस्कार से इनकार, जाम की सड़क
पानी भरे गड्ढे में मौत से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
प्रतापगढ़, अमृत विचार। लालगंज कोतवाली के पूरे वीरबल बेनी का पुरवा में बुधवार को पानी भरे गडढे में डूबने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गयी थी। हादसे से गमगीन व आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने गुरूवार को शव के अंतिम संस्कार दफन से इनकार कर दिया। अवैध खनन से बने गड्ढे को पाटने और बाउण्ड्रीवाल कराने की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के काफी समझाने के बाद दोनों भाइयों का शव दफनाया गया।
लालगंज कोतवाली के पूरे वीरबल बेनी का पुरवा में बुधवार को दोपहर में गांव के देवराज यादव के पुत्र अमन (15) व अनुज (08) गांव स्थित चारागाह के पास भैंस चराने गये थे। इसी दौरान शौच के लिए जाने पर अनुज का पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूब गया। उसे बचाने में बड़ा भाई अमन भी डूब गया। जानकारी पर लोगों ने दोनों को बाहर निकाला लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद रात में शव घर लाया गया। गम और गुस्से के बीच परिवार के लोग व ग्रामीण चारागाह के पास अवैध खनन करके निकाली गयी मिट्टी से बने गहरे गड्ढे को लेकर आक्रोशित हो गए।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन न हुआ होता तो दो बच्चों की मौत न होती। गड्ढों को पाटने और चारागाह की जमीन पर बाउण्ड्री बनाने की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने दोनों शव को जलेशरगंज - डेरवा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के बहुत समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने पर लोग शांत हुए। उसके बाद एक ही कब्र में दोनों भाइयों का शव दफनाया गया। दो भाइयों के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद हर किसी की आंख नम रहीं। परिजन रो रो कर बेहाल रहे। कोतवाल नीरज यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- प्रतापगढ़: छात्रा ने कायम की ईमानदारी की मिसाल, शिक्षक को लौटाए 5000 रूपये, जानें मामला
