VIDEO : खेल मंत्री ने भारतीय हॉकी टीम को किया सम्मानित, मनप्रीत सिंह बोले- हम फाइनल खेलना चाहते थे, कांस्य से भी खुश हैं
नई दिल्ली। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम को शनिवार को सम्मानित करते हुए उनकी दृढ़ता और अदम्य जज्बे की सराहना की। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारत ने स्पेन को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार ओलंपिक कांस्य पदक जीता।
भारतीय हॉकी टीम के सीनियर खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण नहीं जीत पाना निराशाजनक था लेकिन लगातार दूसरा कांस्य पदक भी बुरा नहीं है। आठ बार की ओलंपिक चैम्पियन भारतीय टीम ने टोक्यो के बाद पेरिस ओलंपिक में भी कांस्य पदक जीता। भारत ने आखिरी बार ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण 1980 में जीता था। मनप्रीत ने कहा, बहुत अच्छा लग रहा है। पिछली बार हमने कांस्य जीता था और इस बार भी जीता । टीम फाइनल खेलने के इरादे से गई थी लेकिन जीत नहीं सकी। लेकिन हमने कांस्य जीता और इतना प्यार पाकर अच्छा लग रहा है।
#ParisOlympics2024 में कांस्य पदक जीत कर भारत लौटी हॉकी टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।#Olympics में 52 साल बाद लगातार दूसरी बार पदक जीत कर आपने देश का नाम रोशन किया है, पूरे देश को आप सभी पर गर्व है।#Cheer4Bharat pic.twitter.com/qcZ38lsWIi
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) August 10, 2024
मनप्रीत ने टीम की मानसिक दृढता की भी तारीफ की जिसने ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 42 मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ खेलकर जीत दर्ज की। मनप्रीत ने कहा, हमें इस तरह के हालात में खेलने की ट्रेनिंग मिली थी। अगर किसी को ग्रीन या यलो कार्ड मिला है तो कैसे खेलना है । लेकिन हमें नहीं लगा था कि उसे रेडकार्ड मिलेगा। अमित रोहिदास की कोई गलती नहीं थी लेकिन उसे रेडकार्ड मिला।
उन्होंने कहा, टीम ने डिफेंस में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। हमने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिये । पेनल्टी कॉर्नर भी हमने बखूबी बचाये। अपना आखिरी टूर्नामेंट खेल चुके गोलकीपर पी आर श्रीजेश के बारे में उन्होंने कहा, श्रीजेश के बारे में क्या कहूं । उसके साथ 13 साल बिताये हैं। वह मेरा सीनियर था और मुझे गाइड किया। जब मैं कप्तान बना तब भी मेरा समर्थन किया। उसने हमेशा मुझे प्रेरित किया है । वह लीजैंड है और मुझे उसकी कमी खलेगी क्योंकि मेरे लिये वह बड़े भाई जैसा है।
यह जीत आपकी दृढ़ता, टीम वर्क, जज्बे का प्रमाण है : खेल मंत्री
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया विज्ञप्ति में कहा, ‘‘आपने भारत को बहुत गौरव दिलाया है और लाखों युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। मांडविया ने खिलाड़ियों के समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। मांडविया ने कहा, ‘‘पूरे देश को आपकी उपलब्धि पर गर्व है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ यह जीत आपकी दृढ़ता, टीम वर्क और अदम्य जज्बे का प्रमाण है। आपने भारत को बहुत गौरव दिलाया है और लाखों युवा एथलीटों को अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित किया है।'' केंद्रीय मंत्री ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कोचिंग स्टाफ और सहयोगी टीम के अथक प्रयास की भी सराहना की।
उन्होंने भारत में हॉकी को और अधिक बढ़ावा देने के साथ देश की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘हॉकी हमारे लिए सिर्फ एक खेल से कहीं अधिक है। यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। टीम द्वारा प्रदर्शित कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और जुनून के कारण यह ऐतिहासिक सफलता मिली है।’’ मांडविया ने कहर, ‘‘आपने दुनिया को दिखाया है कि संकल्प और बुलंद हौसले से क्या हासिल किया जा सकता है।’’ खिलाड़ियों के साथ बातचीत के दौरान मांडविया ने उन्हें उत्कृष्टता के लिए प्रयास जारी रखने और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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