हल्द्वानी: ऑनलाइन सिस्टम नहीं हुआ शुरू, खतौनी को चक्कर काट रहे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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 हल्द्वानी, अमृत विचार। प्रदेश के आईटी सिस्टम पर हुए साइबर अटैक के बाद अभी तक भूलेख की वेबसाइट ने काम करना शुरू नहीं किया है। इस वजह से खतौनी नहीं निकल पा रही है। जिस कारण लोगों को खासी परेशानी हो रही है। लोग तहसील से जनसुविधा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।

बीती 2 अक्टूबर को राज्य के आईटी सिस्टर पर साइबर अटैक हुआ था। इसके बाद सभी ऑनलाइन सेवाएं ध्वस्त हो गई थीं। तब से 186 एप्लीकेशंस समेत सभी ऑनलाइन सेवाएं ठप हैं।

हालांकि कई सरकारी विभागों में ऑनलाइन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, लेकिन अभी भी जनता से सीधी तौर पर जुड़ी सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। इनमें एक भूलेख की वेबसाइट ने काम करना शुरू नहीं किया है। इसकी वजह से खतौनी नहीं निकल पा रही है। बीते 12 दिनों से खतौनी नहीं निकलने से किसानों, ग्रामीणों व लोगों को खासी परेशानी हो रही है, वे कभी तहसील तो कभी जनसुविधा केंद्र के चक्कर काट रहे हैं।

वहीं खतौनी नहीं निकलने से जमीनों की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज, भूमि संबंधी वादों का निस्तारण और बैंक बंधक के आदेश निस्तारण, विरासत नामांतरण वगैरह की कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है। इस वजह से तहसील में भूमि संबंधी अधिकांश कामकाज ठप हो गए हैं। इधर, हल्द्वानी तहसील में एक दिन में 150 से अधिक खतौनियां प्रतिदिन निकलती हैं, लेकिन 12 दिनों से खतौनियां नहीं निकलने से लोगों को समस्याएं हो रही हैं।


भूलेख की वेबसाइट नहीं चलने से अभी खतौनियां नहीं निकल पा रही हैं। ऑनलाइन सिस्टम रिकवर नहीं होने की वजह से खतौनी का काउंटर बंद पड़ा है, जैसे ही सिस्टम शुरू होगा वैसे ही लोगों को खतौनी निकाल कर देना शुरू कर दिया जाएगा। 
- सचिन कुमार, तहसीलदार, हल्द्वानी

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