बहराइच हिंसा: राख और बिखरे ईंट-पत्थर में हिंसा के सुबूत तलाश रही पुलिस, संगीनों के साए में हिंसा प्रभावित इलाके

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच, अमृत विचार। जिले में भारी फोर्स की तैनाती के बाद हालात थोड़े सामन्य तो हो गए लेकिन लोगों के भीतर खौफ बरकरार है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी का पहरा है। उच्चाधिकारियों की गाड़ियां सायरन बजाते हुए हर मिनट गुजर रही हैं। बावजूद इसके हिंसा प्रभावित इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

कुछ लोग किसी भी पल हालात बिगड़ने के डर से बाहर नहीं आ रहे तो कुछ पुलिस की फाइल में घटना के चश्मदीद बनने से बच रहे हैं। आलम यह है कि पुलिस अब हिंसा की आग में जली हुई दुकानों, वाहनों की राख और सड़क पर बिखरे ईंट-पत्थर में उपद्रवियों के सुबूत तलाश रही है।

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बहराइच में रविवार रात भड़की हिंसा सोमवार देर रात तक काबू में आ सकी। लेकिन तब तक सैकड़ों वाहन और दर्जनों दुकानें आग के हवाले हो चुकी थी। हिंसा पर काबू पाने के लिए लखनऊ सहित प्रदेश भर से पुलिस अधिकारियों को जिले में भेजा गया। अपराध पर नियंत्रण में महाराथ रखने वाले चुनिंदा अफसरों को लगाया गया। पीएसी, आरएएफ के साथ पैरामीलिट्री की सीआरपीएफ को भी तैनात करना पड़ा। उपद्रव को रोकने के लिए फोर्स ने बल प्रयोग किया, लेकिन अभी तक किसी उपद्रवी की आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी नहीं हो पाइ है।

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इसकी वजह से स्थानीय लोगों में फिर से कभी भी हिंसा भड़कने का डर बना हुआ है। दूसरी ओर पुलिस उपद्रव में शामिल होने वालों का पता लगाने के लिए लोगों से पूछताछ की कार्यवाही शुरू कर दी है। लेकिन कोई भी चश्मदीद किसी आरोपी का नाम लेने वाला नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से पुलिस परिस्थितजन्य साक्ष्य के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 

अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से खौफ का माहौल

हिंसा थमने के बाद पुलिस ने कानून प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कड़ी में मंगलवार को एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन इसमें किसी का नाम शामिल न करके अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इस वजह से हिंसा प्रभावित क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जिन आरोपियों को पुलिस ने खुद पत्थर और डंडे चलाते देखा, जिन लोगों ने पुलिस की आंख के सामने घरों और वाहनों में आग लगाई उनके नाम भी मुकदमें में शामिल नहीं हैं। ऐसे में वे लोग पुलिस की पकड़ से दूर रहेंगे और फिर से इस तरह के हालात बनने के आसार बने रहेंगे। 

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सचिव गृह और एडीजी कानून व्यवस्था मैदान में उतरे

सीएम योगी के निर्देश पर एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश और गृह सचिव संजीव गुप्ता ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। इस दौरान माहौल को बेहतर बनाने के लिए 4 आईपीएस, 2 एएसपी, 4 डिप्टी एसपी को तैनात किया गया। सभी अधिकारियों ने बहराइच में मोर्चा संभाला। इसके साथ ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 12 कंपनी पीएसी, 2 कंपनी सीआरपीएफ, 1 कंपनी आरएएफ को भेजा गया, जबकि रेंज और जोन के अधिकारी मौके पर पहले से मौजूद थे।

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यहां से भी बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। बहराइच में स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए फोर्स ने गली-गली में सर्च शुरू किया और उपद्रवियों को खदेड़ा। इसके अलावा चप्पे पर पुलिस के जवान को तैनात किया गया। सीएम योगी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन का सख्त एक्शन देख उपद्रवी और अराजक तत्व अंडर ग्राउंड हो गये। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने उपद्रवियों की तलाश शुरू की। इस दौरान 30 से ज्यादा अराजतत्वों को हिरासत में लिया गया।

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