विचारधारा राष्ट्रहित में होनी चाहिए न कि राष्ट्र के खिलाफ: मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद छात्रों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि अपनी विचारधारा को राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता दिए जाने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा …
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद छात्रों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि अपनी विचारधारा को राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता दिए जाने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि विचारधारा पर गर्व स्वाभाविक है लेकिन वह राष्ट्रहित में होनी चाहिए ना कि राष्ट्र के खिलाफ। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस अनावरण समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे। मोदी ने कहा कि किसी एक बात, जिसने हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया है- वो है राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता अपनी विचारधारा को देना।
उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी के नेतृत्व में हर विचारधारा के लोग एक साथ आए थे। उन्होंने देश के लिए एक साथ संघर्ष किया था। आपातकाल के दौरान भी देश ने यही एकजुटता देखी थी। उन्होंने विश्वास जताया कि जेएनयू परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा राष्ट्र निर्माण, राष्ट्र प्रेम, राष्ट्र जागरण के प्रति यहां आने वाले युवाओं को प्रेरित करेगी ।
