पंतनगर विश्वविद्यालय का 33वां दीक्षांत समारोह ऑनलाइन आयोजित

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रूद्रपुर, अमृत विचार। पंतनगर विश्वविद्यालय के 33वे दीक्षांत समारोह का आयोजन नाहेप भवन में ऑनलाइन मोड में किया गया। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने वर्चुअल मोड पर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि पाने वाले सभी छात्र छात्राओ को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों की …

रूद्रपुर, अमृत विचार। पंतनगर विश्वविद्यालय के 33वे दीक्षांत समारोह का आयोजन नाहेप भवन में ऑनलाइन मोड में किया गया। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने वर्चुअल मोड पर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि पाने वाले सभी छात्र छात्राओ को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों की अब देश के प्रति जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें अब और मेहनत करने की आवश्यकता है जिससे वह राज्य और देश के विकास में अपनी सहभागिता निभा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में यह जो परिस्थितियां बनीं हैं इसमें विश्वविद्यालय को और अधिक सतर्क होकर मेहनत करने की आवश्यकता है जिससे राज्य और देश की जो विवि से अपेक्षा है उन्हें वह पूरी कर सके।

33वें दीक्षांत समारोह में 1891 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गई। वर्ष 2018-19 के लिए चांसलर गोल्ड अवार्ड होम साइंस की छात्रा प्रियंका गिनवाल को मिला। जबकि वर्ष 2019-20 के लिए6 चांसलर गोल्ड अवार्ड बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र योगश दत्त को दिया गया। वहीं वाइस चांसलर गोल्ड वर्ष 2019-20 के लिए 13 को एवं वर्ष 2019-20 के लिए 14 को, वाइस चांसलर सिल्वर वर्ष 2018-19 के लिए 13 को एवं वर्ष 2019-20 के लिए 11 को तथा वाइस चांसर ब्रांज वर्ष 2018-19 के लिए 11 को एवं वर्ष 2019-20 के लिए 10 छात्र-छात्राओं को अवार्ड मिला।

जिनमें सबसे अधिक अवार्ड पर छात्राओं ने बाजी मारी। इसके अलावा नगम्म शांति भाई अवार्ड वर्ष 2018-19 के लिए शगुन तिवारी और वर्ष 2019-20 के लिए प्रियंका को प्रदान किया गया। सरस्वती पांडा अवार्ड वर्ष 2018-19 के लिए आयुषी अग्रवाल को एवं वर्ष 2019-20 के लिए कनिका भट्ट को मिला। वहीं राम शिरोमणि अवार्ड और चौधरी चरण सिंह मेमोरियल इंटेलेक्चुअल अवार्ड वर्ष 2018-19 के लिए प्रतिभा भट्ट और वर्ष 2019-20 के लिए कनिका भट्ट को मिला।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. तेज प्रताप ने सभी को बधाई दी। कुलपति डा. प्रताप ने कहा कि कोराना काल के समय से विश्वविद्यालय ने भी ऑनलाइन मोड में कदम रखते हुए सफलता के नए आयाम पेश किये हैं। इस बार विवि में प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में करवाते हुए पहली बार विवि की पॉलिसी चेंज कर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया। इस बार स्नातक स्तर पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया गया। वहीं प्रसिद्ध किसान मेला भी ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसमें 70000 किसानों ने प्रतिभाग किया। साथ ही डिजिटल क्लास का आयोजन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए आयाम स्थापित किये हैं। जिससे कारोनाकाल में विद्यार्थी अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रख सके।

संबंधित समाचार