लखनऊ: 23 जनवरी को देश भर में होगा विरोध प्रदर्शन, जानिये क्यों नाराज हैं कर्मचारी
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश में पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों व चंडीगढ़ में ऊर्जा निगमों के निजीकरण के विरोध में देश भर के बिजली अभियंता 23 जनवरी को विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, निजीकरण के विरोध में प्रदेश के बिजली कर्मियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के निर्णय के अनुसार देश के सभी राज्यों की राजधानियों में बिजली कर्मी विरोध प्रदर्शन करेंगे और प्रेस कांफ्रेंस कर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग करेंगे। इसी तरह, चंडीगढ़ की बिजली व्यवस्था निजी कंपनी के जरिये अधिग्रहीत किए जाने की योजना के विरोध में 31 जनवरी को देश के सभी राज्यों में जिला व परियोजना मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। मालूम हो कि नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स में आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, आल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन, आल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन, आल इंडिया पावर मेन्स फेडरेशन शामिल हैं।
सलाहकार की चयन प्रक्रिया रद्द की जाय
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के लिए ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए प्री बिडिंग कांफ्रेंस को तत्काल रद्द किया जाय अन्यथा बिजली कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त हो रहा है।
इस बीच, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, हरदुआगंज, पारीछा, जवाहरपुर, पनकी, ओबरा, पिपरी, अनपरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, बांदा,आगरा, कानपुर में कर्मियों ने सभाएं कर विरोध जताया। राजधानी लखनऊ में लेसा, मध्यांचल मुख्यालय, पारेषण भवन, एसएलडीसी, उत्पादन निगम और शक्ति भवन मुख्यालय पर सभाएं कर बिजली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
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