बरेली: आश्वासन में फंसी परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें, बजट स्वीकृति और टेंडर खोलने का इंजतार
बरेली, अमृत विचार: परसाखेड़ा औद्याेगिक आस्थान की जर्जर सड़कें और नालों का निर्माण यूपीसीडा और निगम के बजट स्वीकृत कराने व निविदा खोलने के आश्वासन में फंस गया है। करीब डेढ़ साल से उद्यमी सड़कों व नालों के निर्माण का मुद्दा उद्योग बंधु की बैठकों में उठाते आ रहे हैं लेकिन धरातल पर काम नहीं हो रहा है। यूपीसीडा के सभी मामले स्वीकृति के लिए कानपुर मुख्यालय में फंसे हैं तो नगर निगम के निर्माण टेंडर में फंसे हैं। परसाखेड़ा में करीब एक दर्जन सड़कें हैं। उद्यमियों को प्रशासनिक अफसरों की बैठकों में सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
23 जनवरी को सीडीओ जग प्रवेश की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु की बैठक हुई। इस बैठक के जारी मिनट्स के अनुसार जो इस बैठक में मुद्दे उठे हैं, वहीं मुद्दे पिछले साल से उठते आ रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब उद्यमी लगातार बैठकाें में सड़कों और नाले का मामला उठा रहे हैं तो धरातल पर अपेक्षाकृत प्रगति क्यों नजर नहीं आ रही है। पिछले साल 14 अक्टूबर को जिला और मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक हुई थी, उसमें भी परसाखेड़ा की सड़कों के मामले उठे थे।
जारी मिनट्स के अनुसार वरिष्ठ प्रबंधक सिविल यूपीसीडा ने उद्याेग बंधु की बैठक में अवगत कराया कि परसाखेड़ा औद्योगिक आस्थान की सड़क संख्या 3, 5, 8, 9 और 10 के समानान्तर आरसीसी नाले के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस उप्र जल निगम ने आगणन प्रस्तुत किया है। 10.04 करोड़ से अधिक धनराशि के आगणन को स्वीकृति के लिए यूपीसीडा मुख्यालय कानपुर 17 अक्टूबर, 2024 को भेजा दिया।
स्वीकृति के उपरांत कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। कार्यदायी संस्था के आगणन का आईआईटी से वेट कराना है। वेट कराकर यूपीसीडा मुख्यालय से स्वीकृति के लिए आगणन पुन: भेजा जाएगा। सड़क संख्या 5,9, 10 और 24 के अनुरक्षण/उच्चीकरण के लिए 847.6 लाख की धनराशि का आगणन कानपुर मुख्यालय 25 नवंबर, 2024 को भेजा था। इसमें आगणन का वेट आईआईटी से करा लिया। अगले सप्ताह में स्वीकृत होने की संभावना जतायी है। वहीं, सीडीओ जग प्रवेश ने 23 जनवरी को हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय प्रबंक यूपीसीडा को निर्देश दिए कि व्यक्तिगत स्तर पर अनुरोध करके बजट शीघ्र स्वीकृत कराएं।
परसाखेड़ा की सात जर्जर सड़कें नगर निगम को बनानी हैं
उपायुक्त उद्योग विकास यादव ने उद्योग बंधु की बैठक में अवगत कराया कि नगर निगम के पास करीब 2.5 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है। इसके सापेक्ष वरीयता के आधार पर सड़कों की सूची उपलब्ध कराने पर नगर निगम ने रोड नंबर 7, 12, 13, 14, 15, 26, 28 को सबसे सबसे खराब सड़कों में माना है। इन सड़कों पर कार्य कराया जाना है। हालांकि पांच सड़कें बना दी गयी हैं। उद्यमी विमल रेवाड़ी ने बताया कि रोड नंबर 27 व नाली का कार्य शुरू हो चुका है। रोड नंबर 1 का टेंडर 31 जनवरी को खोले जोन की बात कही, लेकिन अन्य जर्जर सड़कों का काम लटका रहेगा। वहीं, सीडीओ जग प्रवेश ने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि रोड नंबर एक का टेंडर 31 जनवरी को खोलने पर अग्रिम कार्यवाही कराएं।
रोड नंबर- एक...सड़क न नाली, उद्योग लगाना मुश्किल
मेसर्स तरुन इंटरप्राइजेज के मयूर धीरवानी पिछले साल अक्टूबर से उद्योग बंधु की बैठक में प्रमुख मामला उठा रहे हैं, उनका कहना है कि रोड नंबर 1 और औद्योगिक क्षेत्र परसाखेड़ा के सामने की गली नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आती है, वहां रोड व नाली नहीं है। जिस कारण उद्योग लगाना मुश्किल है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि उनके द्वारा नगर निगम को निर्धारित टैक्स दिया जाता है लेकिन वहां मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं करायी जा रही है। इस पर नगर निगम के सहायक अभियंता ने बताया कि उक्त कार्य की निविदा 31 जनवरी को खोली जाएगी।
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