सियासी आसमान में धर्मनीति और राजनीति के ''आदित्य'' बनकर चमक रहे योगी!
पीडीए की किलेबंदी को तोड़ यूपी में बीजेपी को पहुंचाया बुलंदी पर
भास्कर दूबे, अमृत विचार, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राजनीति में एक नई लकीर खींच दी है। देश के सियासी आसमान में धर्मनीति और राजनीति के ''आदित्य'' बनकर चमक रहे योगी ने एक तरफ सनातन धर्म के प्रमुख केंद्रों के पुरातन गौरव को पुनर्स्थापित किया है, वहीं दूसरी ओर पीडीए की किलेबंदी को तोड़कर यूपी में भाजपा के कम पड़ते रसूख को पुनः बुलंदी पर पहुंचाया है। कुंभ में व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले शंकराचार्य खुद सवाल बन गए हैं और संतो के बीच अपने आप को साबित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद से ही एक तरफ राजनेता सीएम योगी पर हमले कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी उन्हें घेरने की कोशिश की। हालांकि राजनीति और धर्मनीति के माहिर खिलाड़ी सीएम योगी ने न केवल राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को करारा जवाब दिया, बल्कि संतों के एक बड़े वर्ग को अपने पक्ष में करके बयानबाजी करने वाले शंकराचार्य को भी शांत कर दिया। यही नहीं, हिंदू आचार्य महामंडलेश्वरों ने सीएम योगी के कार्यों की प्रशंसा करके एक बड़ी धर्मध्वजा उनके साथ खड़ी कर दी है।
सीएम योगी को मिला पीएम का साथ
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो भगदड़ की घटना के बाद से पीएम मोदी भी सीएम योगी के साथ खड़े दिख रहे हैं। हालांकि यह कयास लगाए जा रहे थे कि प्रधानमंत्री प्रयागराज नहीं जाएंगे, जिससे राजनीतिक तौर पर सीएम योगी कमजोर हो सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने 5 फरवरी को प्रयागराज के दौरे के लिए हामी भर दी है। वह महाकुंभ की विशालता देखने पहुंचेंगे और त्रिवेणी में अमृत स्नान भी करेंगे।
राजनीति-धार्मिक प्रतिद्वंदी निराश
इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जो लोग पीएम मोदी को प्रयागराज जाने से रोकने में लगे हुए थे, वह इस बार भी सीएम योगी के बड़े कद के आगे छोटे पड़ते नजर आ रहे हैं। संगठन और पार्टी में बड़े होने के बावजूद ऐसे लोग सीएम योगी के सामाजिक कद के आगे काफी बौने साबित हो रहे हैं, जो उनके विरुद्ध लगे रहते हैं। पीएम के दौरे से सीएम योगी के धार्मिक और राजनीतिक, दोनों ही प्रतिद्वंदी पूरी तरह निराश हैं, वह इसे अपने लिए एक बड़ा झटका मान रहे हैं।
हर रोज नए आयाम गढ़ रहे सीएम योगी
पूर्व में हुए विभिन्न कुंभ आयोजनों की तुलना में इस महाकुंभ की चर्चा विश्वभर में सनातन का डंका बजाती दिख रही है, जो भाजपा के मुख्य एजेंडे पर रहा है। यही नहीं, इस भव्य आयोजन के सहारे सीएम योगी ने देशभर में जात-पात और मानसिक छुआछूत को खत्म कर समानता के भाव को जीवंत कर, हिंदू एकता को और मजबूती से जोड़ दिया है। इन कार्यों के सहारे वह लगातार एक के बाद एक नए आयाम गढ़ रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक पारी के लिए बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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