जमरानी बांध प्रभावित छह गांवों की शादीशुदा बेटियों को मुआवजे का मिलेगा मौका
हल्द्वानी, अमृत विचार : जमरानी बांध परियोजना से प्रभावित छह गांवों की शादीशुदा बेटियों को भी मुआवजा मिल सकता है। दिसंबर 2021 में इस क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की धारा 11 लागू होने के बाद से प्रभावितों की श्रेणी तय की गई थी, लेकिन अब प्रशासन इन बेटियों के मामले पर पुनः विचार कर सकता है। इस योजना के तहत, शर्त ये है कि लड़की की उम्र उस समय 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और विवाह के बाद उसे शैक्षिक दस्तावेज और विवाह का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
ऐसे मामलों पर जमरानी परियोजना और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मंथन किया जाएगा, और यदि स्वीकृति मिलती है तो ये बेटियां सी श्रेणी के प्रभावितों में शामिल हो सकती हैं। जमरानी बांध परियोजना की जद में तिलवाड़ी, मुरकुडिय़ा, उडूवा, गनराड़, पनियाबोर और पस्तोला गांवों की लगभग 50 हेक्टेयर भूमि आ रही है, और कुछ आवासीय क्षेत्र भी डूब क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे। विस्थापन के लिए ग्रामीणों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए श्रेणी में आने वाले लोगों को किच्छा के गडरियाबाग में बसाया जाएगा, बी श्रेणी को नकद मुआवजा मिलेगा, और सी श्रेणी में 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को 50 वर्ग मीटर भूमि और नकद मुआवजा मिलेगा।
जम्मू और कश्मीर की शादीशुदा बेटियों को मुआवजे की संभावना पर जमरानी संघर्ष समिति के अध्यक्ष नवीन पलडिय़ा ने बताया कि पहले यह समझा गया था कि धारा 11 के लागू होने के बाद शादीशुदा बेटियों का नाम सूची में नहीं डाला जा सकता, लेकिन अब यह जानकारी मिली है कि इन बेटियों को मुआवजा मिल सकता है। ऐसे में वे आवेदन करेंगे। डीजीएम जमरानी परियोजना ललित कुमार ने कहा कि प्रशासन इस मामले पर शैक्षिक दस्तावेज, विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र और प्रार्थनापत्र के आधार पर मंथन करेगा और निर्णय लिया जाएगा।
