Bareilly: दावा लबाबल पानी भरे होने का मगर हकीकत में धूल से पटी नहरें !
गेहूं समेत अन्य फसलों की सिंचाई के समय पानी न आने से किसान परेशान
बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड नहर खंड के अफसर सभी नहरों में सफाई पूरी होने के साथ पानी पहुंचने का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत में कई नहरें सूखी पड़ी हैं। रिठौरा, कुआंडांडा समेत कई ऐसी नहरें हैं, जहां एक केवल एक बार पानी छोड़ा गया। इसके बाद पानी काफी कम हो गया और गेहूं, गन्ने आदि फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। वहीं गन्ने का करीब 250 करोड़ का भुगतान भी फंसा होने से किसान परेशान हैं।
नहरों की सफाई के लिए इस बार 3.96 करोड़ का टेंडर हुआ था लेकिन इस बार भी नहरों की सफाई में खानापूरी की गई। अफसरों का दावा है कि नहरों में पानी पूरा है लेकिन कई नहरों में पानी नहीं है। रुहेलखंड नहर खंड के सहायक अभियंता ताबिश अली कहना है कि सभी नहरों में पानी रोस्टर वार छोड़ा जाता है। कुछ नहरों में पानी छोड़ने के लिए डिमांड भेजी है। रोस्टर के हिसाब से सभी नहरों में पानी पहुंच रहा है।
डेढ़ महीने बाद नहर में पहुंचा पानी
भुता के ककरा खुर्द, चुर्रा, डरिया, सिसईया, अमृता, अठाना समेत कई गांव के किसानों को इस बार नहरों में पानी न आने की वजह से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। किसान अमरजीत, प्रवेंद्र, राजदीप, मनोहर, जसबीर बताते हैं कि गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों की बुवाई करने के दौरान नहर में पानी नहीं पहुंचा था। सफाई होने के बाद भी नहर में धूल उड़ रही थी। सिंचाई के लिए पानी का खुद इंतजाम करना पड़ा। पांच दिन पहले नहर में पानी पहुंचने से कुछ राहत मिली है।
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