उपनल कर्मियों को वेतन देने के लिए बजट ही नहीं

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार: डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में कई विभागों में उपनल कर्मी काम करते हैं। इन उपनल कर्मियों के कंधे पर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई व्यवस्था से लेकर कार्यालय के कामों तक की जिम्मेदारी है लेकिन शासन से बजट नहीं आने की वजह से उपनल कर्मियों का वेतन रुका हुआ है। 
राजकीय मेडिकल कॉलेज और उसके अधीन डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में करीब 690 उपनल कर्मचारी काम करते हैं। इसके अलावा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में कार्यालयों और अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में भी उपनल कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इन कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है। उपनल कर्मचारी पहले से ही कम वेतन में काम करतें हैं इस पर वेतन नहीं आने से उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। एक उपनल कर्मचारी ने बताया कि शासन ने हमारे साथ हमेशा अन्याय किया है। हमारे नियमितिकरण में भी शासन हमेशा अड़ंगा लगाता है और अब समय से वेतन भी नहीं मिल रहा है। उपनल कर्मचारियों को 17 से 20 हजार रुपये का ही वेतन मिलता है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जानकारी मिली कि मार्च और अप्रैल माह का वेतन देने के लिए शासन से बजट नहीं मिला है। बजट मिलने के बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा। इधर मई में भी अब सात तारीख हो गई है लेकिन बजट का पता नहीं है। 

उपनल कर्मचारियों को दो माह वेतन नहीं मिला है और यह मामला संज्ञान में है। शासन से बजट आने के साथ ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

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