बाराबंकी : नहर में छोड़ा जा रहा क्षमता से कम पानी, संकट में धान रोपाई

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Edited By Amrit Vichar
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किसान बोले- ट्यूबवेल से महंगा पानी लेकर कर रहे हैं सिचाई

बाराबंकी, अमृत विचार : शारदा सहायक खंड 28 की ब्रांच नहर में बीते दस दिनों से क्षमता से कम पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र के किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धान की बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी न होने से खेतों की सिचाई मुश्किल हो गई है। किसानों ने नहर में पूरी क्षमता से पानी छोड़े जाने की मांग की है। किसान नवनीत मिश्रा नीलू, शिव वरदान तिवारी समेत कई अन्य किसानों ने बताया कि लगभग दस दिन पूर्व हैदरगढ़ ब्रांच नहर में विभाग द्वारा पानी छोड़ा गया था, लेकिन वह केवल आधी क्षमता का था।

इससे अधिकांश रजवाहों और अल्पिकाओं तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। किसान मजबूरी में ट्यूबवेल और समर्सिबल से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यह समय धान की रोपाई का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है और पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। यदि शीघ्र ही नहर में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़ा गया, तो फसल की रोपाई प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नहरों में पूरा पानी छोड़ा जाए ताकि खेतों को समय से पानी मिल सके और धान की फसल सुरक्षित रह सके।

रजवाहा की सफाई न होने से धान बुवाई प्रभावित

शारदा सहायक खंड 28 के अंतर्गत आने वाली लिल्हौरा रजवाहा की सफाई न होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे धान की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस समय क्षेत्र में धान की रोपाई जोरों पर है और इसके लिए भरपूर पानी की जरूरत है, मगर नहर की गंदगी और अवरोधों के चलते पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कस्बा निवासी राम शरण मौर्य और बैजनाथ मौर्य ने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष रजवहा की सफाई नहीं कराई गई। नतीजतन, पानी का प्रवाह बाधित हो गया है और किसानों को सिंचाई के लिये पानी नहीं मिल रहा है।

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