भारत बंद: कहीं किया रोड जाम तो कहीं उग्र प्रदर्शन, जानिए कैसा रहा बंद का असर
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के एक दिवसीय भारत बंद के मिला जुला असर देखने को मिला। कई राज्यों में बंद का असर न के बराबर देखने को मिला। तो कई जगहों पर बंद का समर्थन कर रहीं राजनीतिक पार्टियों ने उग्र प्रदर्शन किया। बंद के दौरान टायर जलाने, ट्रेनें रोकने, जबरन …
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के एक दिवसीय भारत बंद के मिला जुला असर देखने को मिला। कई राज्यों में बंद का असर न के बराबर देखने को मिला। तो कई जगहों पर बंद का समर्थन कर रहीं राजनीतिक पार्टियों ने उग्र प्रदर्शन किया। बंद के दौरान टायर जलाने, ट्रेनें रोकने, जबरन दुकानें बंद करवाने समेत चक्का जाम करने की कई घटनाएं सामने आईं।
किसानों ने पंजाब और हरियाणा में राजमार्ग अवरुद्ध किये, पेट्रोल पंप बंद
चंडीगढ़। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद के दौरान किसानों ने पंजाब और हरियाणा में अनेक जगहों पर राजमार्गों तथा कई मुख्य रास्तों को अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया। पंजाब में अनेक स्थानों पर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हरियाणा में भी व्यापारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान बंद रख किसानों का समर्थन किया। पंजाब में सार्वजनिक और निजी परिवहन सेवाएं बंद रहीं, वहीं पड़ोसी हरियाणा में अंतरराज्यीय और स्थानीय बस सेवाएं प्रभावित रहीं। दोनों राज्यों में पेट्रोल डीलरों ने भी बंद के समर्थन में पेट्रोल पंप बंद रखे। आंदोलनकारी किसानों ने चंडीगढ़-दिल्ली, अमृतसर-दिल्ली, हिसार-दिल्ली और भिवानी-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया। पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखचैन खैरा ने बताया कि राज्य में 50,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने बंद के समर्थन में सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने भी किसानों के समर्थन में अपने कार्यालय और संस्थान बंद रखने की घोषणा की है।
हरियाणा के जींद में धरने पर बैठे किसान की हृदय गति रुकने से मौत
जींद। केंद्र के तीन कृषि कानून के विरोध में किसानों के ‘भारत बंद’ के आह्वान पर जिले के गांव उझाना तथा गढ़ी के बीच धरने पर बैठे एक किसान की कथित तौर पर हृदय गति रुकने से मौत हो गई। गांव उझाना निवासी किसान किताब सिंह (60) मंगलवार सुबह गांव के निकट गढ़ी मार्ग पर चल रहे धरने की अगुवाई कर रहे थे। दोपहर को किताब सिंह की तबीयत खराब हो गए और वह बेसुध होकर गिर गए। साथी किसान सिंह को उपचार के लिए नरवाना सामान्य अस्पताल लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने सिंह को मृत घोषित कर दिया।
बिहार में रोकी गईं ट्रेनें, सड़कों पर लगाया जाम
पटना। भारत बंद के आह्वान पर बिहार को बंद करने और चक्का जाम करने के लिए वामदल, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी (जाप) के कार्यकर्ता मंगलवार सुबह ही सड़कों पर उतर आए। बंद को सफल बनाने के लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) कार्यकर्ता सुबह-सुबह सड़क पर उतर आए। बाद में अन्य विपक्षी दलों के नेता एवं कार्यकर्ता इस प्रदर्शन से जुड़े। राज्य में जगह-जगह सड़कों पर जाम लगाया, ट्रेनें रोकी गईं तो कई जगह उग्र प्रदर्शन भी हुए। इस दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन राजधानी के आस-पास के क्षेत्र में भी फैल गया। पटना की सड़कों पर महाजाम की स्थिति देखी गई।
तमिलनाडु, पुडुचेरी में द्रमुक, कांग्रेस का प्रदर्शन
चेन्नई। तमिलनाडु में द्रमुक और कांग्रेस समेत उसके सहयोगी दलों ने मंगलवार को भारत बंद में हिस्सा लिया। पुडुचेरी में भी द्रमुक, कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। किसान संगठन केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस के शासन वाले केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बंद का असर दिखा। बसें, टैक्सियां और ऑटो सड़कों पर नहीं दिखे। बंद के समर्थन में दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे और राज्य सरकार के कार्यालयों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। तमिलनाडु में सार्वजनिक एवं निजी परिवहन पर असर कम दिखा और जनजीवन भी सामान्य रहा। चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, कुड्डालूर समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। पुडुचेरी में भी प्रदर्शन का असर दिखा। किसान संगठनों, द्रमुक, कांग्रेस, वाम दल समेत अन्य सहयोगी दलों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
राजस्थान में भिड़े एनएसयूआई और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारत बंद के दौरान कृषि कानूनों का विरोध जताने आये भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं की भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हो गई। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में एनएसयूआई के कार्यकर्ता कृषि कानूनों का विरोध एवं भारत बंद के समर्थन में भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान वहां पहले से मौजूद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ उनका टकराव हो गया। एनएसयूआई एवं भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं में झड़प होने पर पुलिस ने बीच बचाव किया और दोनों के कार्यकर्ताओं को अलग किया। बाद में पुलिस ने एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ दिया।
ओडिशा में बंद से जनजीवन प्रभावित
भुवनेश्वर। किसान संगठनों द्वारा केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ बुलाए गए देशव्यापी बंद के दौरान कांग्रेस और वामपंथी दलों के समर्थकों द्वारा सड़कों और रेल पटरियों को अवरुद्ध किए जाने से ओडिशा में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। ‘भारत बंद’ के समर्थकों ने राजमार्गों और बड़ी सड़कों पर जाम लगाया और प्रदर्शन किया। किसान संगठनों, ट्रेड यूनियन और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर, कटक, भद्रक और बालासोर में रेल पटरियों पर धरना दिया जिससे ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। राज्य की राजधानी में वाहनों की आवाजाही बाधित हुई क्योंकि बंद समर्थकों ने मास्टर कैंटीन स्क्वायर तथा जयदेव विहार सहित विभिन्न स्थानों पर टायर जलाकर सड़कों को जाम कर दिया। भुवनेश्वर में बारामुंडा बस टर्मिनल पर काफी संख्या में यात्रियों को फंसा देखा गया, वहीं जयदेव विहार में कई ट्रक और बस राजमार्ग के पास फंसे रहे।
जम्मू में नए किसान कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन, यातायात ठप
जम्मू। जम्मू में मंगलवार को नए किसान कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लोग सड़कों पर उतर आए और भारत बंद के दौरान व्यावसायिक वाहन सड़कों से नदारद रहे। डिगियाना क्षेत्र के पास सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग को ‘कीर्तन’ और धर्मोपदेशों के साथ मार्गों को अवरुद्ध किया। प्रदर्शनकारी किसान विरोधी कानून को रद्द करने की मांग करते हुए सरकार खिलाफ तख्तियां, बोर्ड और बैनरों को भी पकड़े हुए दिखाई दिए। राजमार्ग में निजी वाहनों को लम्बा जाम लगा रहा। इस दौरान कई स्थानों पर किसानों के समर्थन में सरकार विरोधी नारे, प्रदर्शन और रैलियां निकाली गयीं। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जम्मू शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया।
हिमाचल में भारत बंद का असर मिला जुला रहा
शिमला। देश में किसानों के समर्थन में बुलाये गए भारत बंद का हिमाचल प्रदेश में मिला जुला असर रहा। इस दौरान होटल, रेस्तरां, परिवहन, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र और आपातकालीन और एम्बुलेंस सेवाओं के इलावा अधिकांश दुकानें खुली रहीं। वहीं वाहनों के आवागमन की आवाजाही जारी रही। भारत बंद के आहवान पर आज कई सेक्टर प्रभावित हुए क्योंकि कोई अंतर्राज्यीय और अंतरराज्यीय वाहन नहीं चलाए गए। इसी बीच कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने और वामदलों के सदस्यों ने शहर में अलग अलग तरीके से बंद के समर्थन में जलूस निकाला और कई स्थानों पर चक्का जाम किए और अवरोध खड़े करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में बहाल कर दिया। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा। इस बीच बंद के बावजूद बाजार में पूरी तरह से खुले रहे और दूध, ब्रेड व सब्जियों की सप्लाई जारी रही। बंद के दौरान किसी अप्रिय घटना की समाचार नहीं है।
गुजरात में भारत बंद का मिला जुला असर दिखा
अहमदाबाद। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का गुजरात में विपक्षी कांग्रेस ने समर्थन किया है। बंद के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने कुछ जगहों पर राजमार्ग बाधित करने का प्रयास किया और मार्ग पर जलते हुए टायर रख दिए। हालांकि दोपहर तक राज्य में बंद का अधिक असर नहीं दिखा। राज्य में कुछ जगहों को छोड़कर सभी बाजार, दुकानें, सरकारी एवं निजी कार्यालयों समेत कारोबारी प्रतिष्ठान खुले रहे। राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि अमरेली, जामनगर, राजकोट, गांधीनगर, सूरत, मोरबी, देहगाम, भावनगर और मोदासा में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
