Rampur: आवास विकास की भूमि को कब्जामुक्त कराया, गरजी जेसीबी
रामपुर, अमृत विचार। राहे रजा पर कलेक्ट्रेट के सामने आवास विकास की भूमि पर हुए अतिक्रमण पर बुधवार की सुबह 7 बजे से जेसीबी गरजी और भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये हैं। इस जमीन पर लोगों ने चाय के होटल बना लिए थे, जिन्हें ध्वस्त करा दिया गया। जमीन कब्जा मुक्त होने के बाद अधिकारियों ने जमीन के चारों ओर तारकशी कराकर जमीन के कब्जा होने का बोर्ड लगा दिया है।
राहे रजा पर कलेक्ट्रेट के सामने बुधवार की सुबह निर्माण खंड रुहेलखंड-2 के अधिशासी अधिकारी रजनीश कुशवाहा के नेतृत्व में आवास विकास के परिवर्तन की टीम जेसीबी के साथ पहुंची। टीम ने आवास विकास की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए चाय के होटलों को जेसीबी चलवाकर ध्वस्त करा दिया। कुछ दुकानदारों ने स्वयं भी दुकानों को तोड़ कर हटा लिया। अवर अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि खसरा संख्या 71 की 800 वर्ग मीटर भूमि जिसकी कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये है, उसे कब्जामुक्त करा लिया है।
उन्होंने बताया कि राहे रजा स्थित भूमि पर पिछले 40 वर्ष से अवैध कब्जा हुआ था। कब्जा हटाने के लिए कब्जाधारकों से कहा गया था लेकिन, तय समय सीमा में कब्जा धारकों ने आवास विकास की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं किया जिसके कारण जेसीबी लगाकर अतिक्रमण को साफ करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिलर लगवाकर कब्जामुक्त कराई गई भूमि के चारों ओर तारकशी करा दी गई है। इस मौके पर सहायक अभियंता निर्माण खंड रुहेल खंड-2 के सहायक अभियंता प्रदीप यादव के अलावा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
दूसरी ओर, दुकानदार विजय सैनी ने बताया कि वर्ष 1983 में आवास विकास ने कालोनी बनाई थी उस समय उनके पिता ने जमीन नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में यह जमीन श्रेणी 5 में खसरा नंबर 71 पर उनके बाप दादा के नाम दर्ज थी लेकिन, अब आवास विकास के नाम आ गई है। बताया कि मंगलवार की रात उनसे कहा गया था कि अतिक्रमण हटा लिया जाए और बुधवार की सुबह जेसीबी से दुकानों को ध्वस्त करा दिया। कहा कि जबकि उनको मुआवजा नहीं मिला है इस रकबे में उनके परिवार के लोगों की तीन दुकानें थीं जिन्हें ध्वस्त करा दिया है और तीन परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
