कानपुर: कुरीतियों का तर्पण करने गंगा तट पर उतरीं महिलाएं, पिंडदान कर मोक्ष की कामना की

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कानपुर, अमृत विचार। किसी कारण कुछ बेटियों को आज भी कुछ जगहों पर गर्भ में ही मार दिया जाता है, जिसकी वजह से वह दुनिया नहीं देख पाती है। ऐसी बेटियों का कोई जिक्र तक भी नहीं करता है, तर्पण तो दूर की बात है। ऐसी अजन्मी बेटियों का तर्पण करने का जिम्मा युग दधीचि देहदान संस्थान ने लिया है, जिसके तहत रविवार को सरसैया घाट में महिलाओं ने अजन्मी बेटियों का अपने हाथों से तर्पण व पिंडदान करते हुए उनके मोक्ष की कामना की। 

युग दधीचि देहदान संस्थान के नेतृत्व में रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व महापौर कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण ने की। उन्होंने इस कार्यक्रम को उत्तर भारत का अनूठा कार्यक्रम बताया। डॉ. उमेश पालीवाल व पं.शेषनारायण त्रिवेदी ने दीप पूजन संपन्न किया। 

मुख्य पूजन प्रयागराज से आईं लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ.प्रभा अवस्थी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की पौत्री नंदिता मिश्रा, शिक्षाविद् डा. अलका दीक्षित, राज्य महिला आयोग सदस्य अनीता गुप्ता व रोटरी क्लब महासाचिव डॉ.नीलम त्रिवेदी ने किया। कलश पूजन डॉ. सीमा श्रीवास्तव, भावना महाना, रमा महाना व पुष्पलता मिश्रा ने किया। 

देव पूजन डॉ.अमित अवस्थी, सुधीर महाना, डॉ. आनन्द निगम व सुमित मिश्रा ने किया। कार्यक्रम संयोजक मनोज सेंगर ने बताया कि सनातन धर्म में अपने प्रियजन की मृत्यु होने पर वैदिक रूप से पूजन पाठ का विधान है लेकिन जिन बेटियों की गर्भ में हत्या कर दी गई, उनके लिये कहीं कोई पूजन तर्पण नहीं किया जाता है। 

हमने समाज की उसी भूल को सुधारा है और अजन्मी बेटियों से क्षमा मांगते हुये उनका तर्पण पिण्डदान सम्पन्न कर रहे हैं। मनीषा माहेश्वरी, डॉ.प्रतिभा बन्धु, गायत्री परिवार से कमलेश उपाध्याय, विमल राय, रमा राय, अंबिका श्रीवास्तव, कामिनी दास, छाया, गौरी, डॉ.अनुपम जैन, रेखा शुक्ला, सरला शुक्ला ने सम्पूर्ण विधिविधान से तर्पण कार्य सम्पन्न किया। 

समापन महाआरती गोल्डी मसाले निदेशक सुरेंद्र गुप्ता व विहिप प्रान्तीय अध्यक्ष राजीव महाना द्वारा की गई। इस दौरान संयोजिका माधवी सेंगर, जगमहेन्द्र अग्रवाल, सुमित मिश्रा गोल्डी, अनिल राय, रवि तिवारी, संजय भारती, पीयूष दास, अभिषेक, गौतम, दीपक, मनोज दास, अंशिका समेत 40 महिलाएं शामिल रही।

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