UP : आरक्षित नंबर निजी वाहनों के देने के मामले में एआरटीओ सहित तीन पर FIR

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। आरक्षित सीरीज के नंबर निजी वाहनों को जारी करने के मामले में एआरटीओ रामपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव फंस गए हैं। आरटीओ मुरादाबाद राजेश सिंह ने सिविल लाइंस थाने में एआरटीओ रामपुर और डीबीए रामेश्वर नाथ द्विवेदी सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों के निलंबन की कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।

आरटीओ मुरादाबाद राजेश सिंह द्वारा दी तहरीर में बताया कि  यूपी22बीजी में जी श्रृंखला राजकीय वाहनों के लिए आरक्षित है। मामले में परिवहन आयुक्त उप्र द्वारा उप परिवहन आयुक्त बरेली को जांच के आदेश दिए गए थे। उप परिवहन आयुक्त बरेली मामले की जांच की गई। जांच में यूपी22बिजी (1-9999) क्रमांक 27-28 अप्रैल 2025 से 12 अगस्त 2025 के बीच निजी वाहनों को जारी किए गए। आईडी से लॉगिन प्रोटोकॉल का अनुपालन दोषपूर्ण पाया गया। विभागीय नियमों की अनुसार मामले में कूटरचित अभिलेख जानबूझ कर तैयार किये जान और निजी वाहनों को राजकीय वाहनों के लिए आरक्षित श्रृंखला आवंटित किया जाना पाया गया। 

सार्वजनिक सुरक्षा-लोक व्यवस्था एवं टोल राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हुए राजस्व को हानि पहुंचाई गई। सरकार द्वारा जारी किसी पहचान दस्तावेज को लोक सेवक होते हुए अपनी पदीय हैसियत में रचकर कूटरचना की गई है। जिससे छल करके दोषपूर्ण हानि पहुंचाई गई है। जबकि वह विधि द्वारा कर्तव्य पालन के खिलाफ था। इस प्रकार लोक सेवक द्वारा क्षति करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज की रचना किये जाने के राजेश कुमार श्रीवास्तव पंजीयनअधिकारी व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) रामपुर व रामेश्वर नाथ द्विवेदी डीबीए रामपुर व अन्य अज्ञात दोषी पाए गए हैं। 

मामले में सिविल लाइंस थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र ने बताया कि आरक्षित सीरीज के नंबर निजी वाहनों को जारी करने के मामले में आरटीओ राजेश सिंह ने एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव, डीबीए सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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