रामपुर : पसियापुरा गुरुद्वारे मामला फिर गर्माया, दो पक्षों में हुई फायरिंग
राज्यमंत्री औलख के खिलाफ भी जमकर हुई नारेबाजी
बिलासपुर, अमृत विचार: पसियापुरा गुरुद्वारे को लेकर दो पक्षों में कई सालों से चले आ रहे चर्चित विवाद में सोमवार को तीन राउंड फायरिंग हो गई। फायरिंग के दौरान डीएम और एसपी भी मौके पर मौजूद थे, ऐसी चर्चा होती रही। एक पक्ष ने धरना-प्रदर्शन करते हुए राज्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर दी।
दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने के संघर्ष को टालने के लिए जिले भर से बुलाई गई भारी फोर्स बीच में ढाल बनकर खड़ी रही। वहीं डीएम व एसपी भी मौके पर मामले को संभालने में लगे रहे। सुबह 11 बजे एक पक्ष द्वारा गुरुद्वारे पर कब्जे से शुरू हुआ विवाद शाम तक जारी है। हालांकि प्रशासन द्वारा सुझाए जा रहे किसी भी समाधान से अभी कोई भी पक्ष संतुष्ट नहीं है। क्षेत्र के पसियापुरा गांव में चर्चित बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा स्थित है। इसके प्रबंधन व संचालन को लेकर पिछले कई सालों से हजारा परिवार व नवाबगंज पक्ष के बीच विवाद चला आ रहा है। समय-समय पर छोटे-बड़े घटनाक्रम लगातार होते रहते हैं, जिस कारण गुरुद्वारे पर सुरक्षा भी तैनात रहती है। सोमवार को पूर्वान्ह करीब 11 बजे हजारा परिवार पक्ष के सतेंद्र सिंह व जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोगों ने गुरुद्वारे में घुसकर दूसरे पक्ष के सेवादारों को भगा दिया। आरोप के अनुसार इस दौरान मारपीट व फायरिंग भी हुई गुरुद्वारे में पाठ कर रहे एक ग्रंथी सहित दोनों पक्षों के कम से कम आधा दर्जन लोगों को मारपीट के दौरान चोटें भी आईं। दोनों पक्षों में मारपीट के दौरान फायरिंग तक की गई। वहीं धीरे धीरे नवाबगंज पक्ष के लोग भी गुरुद्वारे के पास आकर एकत्रित होने लगे।सूचना पाकर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में स्थानीय प्रशासन व पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जनपद के कई थानों की फोर्स, पीएसी, क्यूआरटी आदि भी बुलाई गई। डीएम जोगिंदर सिंह व एसपी विद्यासागर मिश्र भी गुरुद्वारे पहुंच गए। तभी गुरुद्वारे के बाहर बने एक कमरे पर नवाबगंज पक्ष के कुछ लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। बाद में उस कमरे से तीन राउंड फायर किए गए। गनीमत रही कि गोली किसी लगी नहीं। इसके बाद एसपी ने तुरंत पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। मशक्कत के बाद पुलिस ने उस कमरे से एक आरोपी को दो राइफलों के साथ गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई। वहीं, इस घटना के बाद बाबा अनूप पक्ष के सरदार दलबारा सिंह के नेतृत्व में लोगों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को खूब खरी-खोटी सुनाईं। उन लोगों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए दरियां बिछाकर धरना देने का प्रयास किया और राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के खिलाफ नारे भी लगाए।
हजारा परिवार पक्ष का कहना है कि उनके पास न्यायालय के आदेश हैं। जबरदस्ती कब्जा करके गुरुद्वारे में लूट नहीं होने दी जाएगी। दूसरी तरफ नवाबगंज पक्ष का कहना है कि विरोधी पक्ष झूठ व दबाव के सहारे कब्जा करना चाहता है। वह किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं होने देगा। इस मामले में एसपी का कहना है कि घटना की जांच और दोनों पक्षों से वार्ता के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। फायरिंग को लेकर भी तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। अभी दोनों पक्षों से वार्ता का दौर जारी है।
