निवेश के नाम पर ठगी : आईसीएल के चेयरमैन आरके गोला समेत छह निदेशकों पर एक और FIR

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके महाठग चिट फंड कंपनी आईसीएल के चेयरमैन आरके गोला समेत छह निदेशकों पर एडीजी रमित शर्मा के आदेश पर प्रेमनगर थाने में धोखाधड़ी की एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने मेच्योरिटी के बाद भी 1.25 लाख रुपये हड़प लिए। बदायूं निवासी भुवनेश कुमार की शिकायत पर यह रिपोर्ट दर्ज की गई है। कंपनी के चेयरमैन समेत अन्य निदेशकों पर पहले से ही धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हो चुके हैं। चेयरमैन आरके गोला जेल भी जा चुका है।

बदायूं के कुंवरगांव निवासी भुवनेश कुमार ने एडीजी से की गई शिकायत में बताया कि उन्होंने आइसीएल म्यूचुअल बेनेफिट्स कार्पोरेशन लिमिटेड और इमेज करियर लिमिटेड में करीब 90 हजार रुपये का निवेश किया था। पॉलिसी के अनुसार मेच्योरिटी होने पर यह रकम 1.25 लाख रुपये होनी थी। उन्होंने समय पूरा होने के बाद कंपनी के कार्यालय में जाकर अपनी पॉलिसी से संबंधित सभी दस्तावेज भी जमा किए। इसके बाद भी कंपनी की तरफ से उन्हें कोई रुपया नहीं लौटाया गया। आरोप है कि उन्होंने लगातार कंपनी के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उल्टा हर बार धमकी मिलती है। भुवनेश कुमार ने मामले में कंपनी के चेयरमैन रूप किशोर गोला, डायरेक्टर अवधेश कुमार गोला, जितेंद्र कुमार गुप्ता, दिनेश कुमार, दीपक कुमार भटनागर और आनंद पाल गोला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

आईसीएल ग्रुप का निदेशक गिरफ्तार कर भेजा गया था जेल
आरके गोला आईसीएल ग्रुप ऑफ कंपनीज का चेयरमैन है। उसने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये निवेश कराए। इसके बाद रकम नहीं लौटाई। उसके खिलाफ बदायूं और बरेली में कई मुकदमे दर्ज हैं। निदेशक रूपकिशोर गोला को प्रेमनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। परेशान निवेशकों ने उसे और उसके सहयोगी को अखा गांव के पास उसके डेयरी फार्म से पकड़ा और वहीं से गांधीपुरम स्थित कार्यालय ले आए थे। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। निवेशकों ने हाल ही में गोला व उसके साथियों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सत्ता पक्ष के नेताओं का चहेता है गोला

आरके गोला चालाक व्यवसायी है। वह हमेशा सत्तापक्ष में मजबूत पकड़ बनाकर रहता है। यही वजह है कि वह निवेशकों को कुछ नहीं समझता। पहले वह सपा नेताओं का खास था और उसने उनकी दोस्ती के दम पर डेयरी फार्म खोला। बाद में वह भाजपा सरकार बनने पर भाजपा नेताओं के संपर्क में आ गया। निवेशकों का कहना है कि गोला अक्सर उन्हें अपने सत्तापक्ष से संबंधों की हनक दिखाता था। गोला के कई फोटो सत्तापक्ष के बड़े नेताओं के साथ भी देखे गए हैं।

बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी ठगा
गोला ने केवल बरेली ही नहीं, बल्कि मंडल के चारों जिलों में लोगों को लुभावने सपने दिखाकर ठगी की है। बदायूं के सिविल लाइंस, उझानी आदि थानों में उसके खिलाफ ऐसे ही ठगी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पीलीभीत व शाहजहांपुर के भी कई निवेशकों ने उसकी कंपनी में पैसा लगाया था। पुलिस कई मामलों में चार्जशीट लगाने का दावा कर रही है। बावजूद रसूख की वजह से पुलिस उसे पकड़ने से कतरा रही थी।

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