अत्यधिक चुंबकीय क्षेत्र वाला आश्चर्यजनक ग्रह

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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एक ऐसा ग्रह है, जो सूर्य के आवेशित उच्च ऊर्जावान कण यानी हाई चार्ज पार्टिकल में घिरा रहता है। अत्यधिक चुंबकीय क्षेत्र वाला यह ग्रह हमारे सौर मंडल के बाहर है, जो किसी भी तारे के गुरुत्वाकर्षण में बंधा हुआ नहीं है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में इस ग्रह की अपडेट जानकारियों का खुलासा किया है। पृथ्वी के सिर्फ ध्रुवों पर अक्सर सूर्य के आवेशित कणों से रंग-बिरंगी रोशनी से आसमान नहाया हुआ नजर आता है, मगर खोजे गए नए इस ग्रह के चारों ओर रंग-बिरंगे ऑरोरा नजर आते हैं। इस ग्रह का नाम सिम्प - 0136 है। यह हमारे सौर मंडल के ग्रह बृहस्पति से भी बड़ा है। 

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से आश्चर्यजनक कर देने वाले अनोखे ग्रह की खोज हुई। आयरलैंड के ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन के वैज्ञानिकों ने इसे खोजा। यह ग्रह हमसे 20 प्रकाश वर्ष दूर है। इसके व्यवहार को देख वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को दुष्ट प्रकृति का ग्रह माना है। खगोलविदों ने पहली बार वर्ष 2018 में सिम्प-0136 को देखा था। 

गहन अध्ययन के बाद इसके ग्रह होने की पुष्टि हुई है, क्योंकि इसका किसी तारे से संबंध नहीं होने के कारण इसकी पहचान नहीं हो पा रही थी, मगर जेम्स वेब टेलीस्कोप के जरिए इसकी पुष्टि संभव हो सकी है। यह दुष्ट ग्रह बृहस्पति की तुलना में लगभग 13 गुणा अधिक विशाल है। यह बहुत गर्म ग्रह है, जिसका तापमान 1500 डिग्री सेल्सियस है। 

इस ग्रह के खोज का श्रेय डॉ. एवर्ट को जाता है, जिनका कहना है कि यह ग्रह प्रकाश की विभिन्न तरंग दैर्ध्य विभिन्न वायुमंडलीय विशेषताओं वाला है। इस ग्रह पर भारी मात्रा में चुंबकीय क्षेत्र फैला हुआ है, जिस कारण इसमें ऑरोरा बनते रहते हैं। यह अजूबा ग्रह है। इस तरह के ग्रह का पहली बार पता चला है। ब्रह्मांड में इस तरह के और ग्रह भी हो सकते हैं। इसकी वास्तविकता का पता चलने के बाद अधिक चुंबकीय घेरे वाले अन्य ग्रहों की खोज कर पाना आसान हो जाएगा।

हैरान कर देने वाला है यह ग्रह

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) नैनीताल के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे कहते हैं कि वास्तव में यह हैरान करने वाली खोज है। अत्यधिक चुंबकीय क्षेत्र वाला भी कोई ग्रह हो सकता है, इसका पहले कभी किसी को कोई अहसास नहीं था। इस तरह के कुछ और ग्रह भी हो सकते हैं। अब अत्यधिक चुंबकीय क्षेत्र वाले अन्य ग्रहों की खोज भी होने लगेगी। प्रस्तुति - बबलू चंद्रा, नैनीताल (उत्तराखंड)