योगी सरकार की ऐतिहासिक पहल, प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय ब्रेल पुस्तकालय 4 हजार पुस्तकों से साथ शुरू
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश का पहला ब्रेल पुस्तकालय आरंभ हो गया है। राज्य विश्वविद्यालयों में यह प्रथम ब्रेल पुस्तकालय है जिसका आरंभ डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में किया गया है। पुनर्वास विश्वविद्यालय में चल रहे करीब 54 पाठ्यक्रमों की सभी पुस्तकों को इस पुस्तकालय में उपलब्ध करा दिया गया है जिसकी संख्या करीब 4,000 है। जबकि जल्दी ही इसे बढ़ाकर 10,000 से अधिक करने पर कार्य चल रहा है।
ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के जयंती पर दृष्टिदिव्यांगों के लिए पुस्तकालय का उद्घाटन कुलपति आचार्य संजय सिंह ने किया। जिसमें एक साथ 150 से अधिक छात्रों के बैठकर अध्ययन करने की सुविधा मौजूद है। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि हमें नैक में अच्छी ग्रेडिंग और एनआईआरएफ में अच्छी रैंकिंग हासिल करनी है, इसके लिए विश्वविद्यालय लगातार अपने स्तर से कार्य कर रहा है।
दृष्टि दिव्यांगों को मिले कंप्यूटर प्रशिक्षण: कुलपति
कुलपति आचार्य संजय सिंह ने दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों का हाथ पकड़कर दीप प्रज्ज्वलित कराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने दृष्टि दिव्यांगों को सक्षम और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विवि प्रशासन को निर्देशित किया कि दृष्टि दिव्यांगों को कंप्यूटर प्रशिक्षण दें।
यह रहे मौजूद
कुलसचिव रोहित सिंह, डीन एकेडमिक्स प्रो. वीके सिंह, कुलानुशासक प्रो. सीके दीक्षित, उप कुलसचिव अनिल कुमार मिश्रा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. आशुतोष पांडेय, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. वीरेंद्र सिंह यादव, ब्रेल प्रेस प्रभारी डॉ. विजय शंकर शर्मा, कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र से डॉ. रणजीत कुमार, सहायक कुलसचिव बृजेंद्र सिंह के साथ ही अनेक दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थी समेत कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी कर सकेंगे पढ़ाई
पुस्कालय की सबसे खास बात है कि इमसें वह छात्र भी पढ़ाई कर सकते हैं जो विश्वविद्यालय में नामांकित नहीं हैं। इसके लिए सदस्यता शुल्क तय किया गया है। तीन तरह की सदस्यता (विशेष, आकस्मिक और कारपोरेट) होगी। इसके लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
विशेष सदस्यता: यह विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और अन्य लखनऊ के निवासी को मिलेगा। इसके लिए सदस्यता फॉर्म के साथ दो आवासीय प्रमाण देने होंगे। सेक्योरिटी डिपॉजिट 500 रुपए, गैर-वापसी योग्य वार्षिक सदस्यता शुल्क 500 रुपए।
आकस्मिक सदस्य: यह एक बार में छह माह तक दिया जा सकेगा जिसके लिए 1 हजार रुपए देने होंगे। यहां उपलब्ध फोटोकॉपी सुविधा ले सकेंगे। अनियमित सदस्यों को कोई पुस्तक जारी नहीं की होगी।
कॉर्पोरेट सदस्य: वार्षिक सदस्यता शुल्क 1500 रुपए प्रति वर्ष जमा कर लखनऊ का कोई भी संगठन पुस्तकालय का सदस्य बन सकेगा।
ब्रेल पुस्तकों की संख्या 10 हजार करने का लक्ष्य है। ब्रेल अनुभाग में शैक्षणिक कोर्सों के अलावा कई नोवेल, ड्रामा और महापुरुषों की जीवनी आदि की भी ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं।
प्रो. यशवंत वीरोदय, प्रवक्ता, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
