अब बिना सेट टॉप बॉक्स बदले बदल सकेंगे ऑपरेटर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। सरकार ने डीटीएच सेवा में विदेशी निवेश बढ़ाने, लाइसेंस शुल्क घटाने और सभी सेवा प्रदाताओं के लिए कॉमन सेट टॉप बॉक्स की मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में डीटीएच सेवा से जुड़े दिशा-निर्देशों में संशोधनों को मंजूरी प्रदान की गई। सूचना एवं …

नई दिल्ली। सरकार ने डीटीएच सेवा में विदेशी निवेश बढ़ाने, लाइसेंस शुल्क घटाने और सभी सेवा प्रदाताओं के लिए कॉमन सेट टॉप बॉक्स की मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में डीटीएच सेवा से जुड़े दिशा-निर्देशों में संशोधनों को मंजूरी प्रदान की गई।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि डीटीएच सेवा संबंधी दिशा-निर्देशों में कई बदलाव किये गये हैं। सेवा प्रदाता अब आपसी सहमति से बुनियादी ढाँचा जैसे स्पेक्ट्रम आदि साझा कर सकते हैं। साथ ही सब्सक्राइबर प्रबंधन प्रणाली और कंडीशनल एक्सेस सिस्टम से जुड़े कॉमन हार्डवेयर यानी कॉमन सेट टॉप बाक्स के इस्तेमाल की भी अनुमति मिल गई है।

इससे डीटीएच ऑपरेटर बदलने पर उपभोक्ताओं को सेट टॉप बॉक्स बदलने की जरूरत नहीं रहेगी। डीटीएच सेवा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मौजूदा 49 प्रतिशत की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। अब इस क्षेत्र में एफडीआई की सीमा उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की नीति के अनुरूप होगी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय संशोधित डीटीएच दिशा-निर्देश जारी करेगा। जिसके बाद ये फैसले प्रभावी होंगे।

डीटीएच ऑपरेटरों को अब 10 साल के बदले सीधे 20 साल के लिए लाइसेंस दिया जायेगा। बीस साल पूरे होने के बाद 10-10 साल के लिए लाइसेंस इसे रिन्यू किया जा सकेगा। डीटीएच सेवा प्रदाताओं के लिए लाइसेंसे शुल्क में भी कटौती की गई है। राजस्व का 10 प्रतिशत लाइसेंस शुल्क के रूप में देना होता था। अब सकल राजस्व में से जीएसटी घटाने के बाद शेष राशि का आठ प्रतिशत लाइसेंस शुल्क के रूप में देय होगा। शुल्क संग्रह सालाना की बजाय तिमाही किया जायेगा। नये दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी सेवा प्रदाता के पास जितने चैनल दिखाने की क्षमता है उसके पाँच प्रतिशत से अधिक वह अपने प्लेटफॉर्म चैनल के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। हर प्लेटफॉर्म सेवा यानी ऑपरेटर द्वारा संचालित चैनल के लिए 10 हजार रुपये का पंजीकरण शुल्क देना होगा।

फिल्म से जुड़ी चार संस्थाओं का राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम में विलय
सरकार ने राजस्व की बचत, बेहतर समन्वय और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में फिल्म से जुड़ी चार अन्य संस्थाओं का विलय करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने इस फैसले को बुधवार को मंजूरी दी। सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रालय के अंतर्गत फिल्म से जुड़ी चार संस्थाओं का राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में विलय कर दिया गया है। इनमें फिल्म्स डिविजन राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी और फिल्म समारोह निदेशालय भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत में 3000 से अधिक फिल्में हर साल बनती हैं और भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता देश है।

 

एससी छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी
सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को अगले पांच साल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। जिससे तकरीबन चार करोड़ छात्रों को लाभ होगा और उनके जीवन में बदलाव आयेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रकाश जावडेकर ने बताया कि इस राशि कुल 59048 हजार करोड़ रुपए की होगी और इससे एससी वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 35 हजार 534 करोड़ रुपए होगी और शेष राज्य सरकारें वहन करेगी। उन्होंने बताया कि इस राशि का वितरण 2021-22 से आरंभ हो जाएगा और छात्रों को उनके बैंक खातों में धन दिया जाएगा।

संबंधित समाचार