कॉर्बेट में ऑनलाइन ठगी : सफारी और नाइट-स्टे का झांसा देकर पर्यटकों से ठगी
फर्जी बुकिंग कर पर्यटकों को ठगा, आरोपी पर मुकदमा
रामनगर, अमृत विचार। उत्तराखंड के रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ऑनलाइन ठगी का एक संगठित मामला उजागर हुआ है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सफारी और रात्रि विश्राम की बुकिंग के नाम पर पर्यटकों से ठगी की जा रही थी। सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को गुमराह कर उनसे एडवांस पैसे वसूले जा रहे थे। पुलिस ने मामले में एक नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि शक्तिनगर निवासी फरमान अली उर्फ फरमान नोशु ने खुद को अधिकृत कॉर्बेट बुकिंग एजेंट बताकर देश भर के पर्यटकों को निशाना बनाया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट और माध्यमों से ही बुकिंग करें तथा किसी भी अनजान लिंक या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा करने से बचें।
बता दें कि आरोपी ने फेसबुक आईडी ‘Corbettvender’, इंस्टाग्राम प्रोफाइल ‘naija jungle safari’ और एक फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों से संपर्क करता था। वह कॉर्बेट में सफारी और रात्रि विश्राम की बुकिंग कराने का झांसा देकर पर्यटकों से अग्रिम रकम अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लेता था।
इतना ही नहीं, पैसे मिलने के बाद आरोपी पर्यटकों को फर्जी परमिट दस्तावेज भी भेज देता था, जिससे उन्हें बुकिंग कन्फर्म होने का भरोसा हो जाता था। लेकिन जब पर्यटक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पहुंचते, तो उन्हें पता चलता कि उनके नाम से कोई वैध बुकिंग दर्ज ही नहीं है। इस मामले में दिल्ली निवासी निखिल मेहरा ने कोतवाली रामनगर में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं पुणे की हेमांगी विक्रांत वर्तक ने भी शिकायत करते हुए बताया कि उनसे 1 लाख 20 हजार रुपये के पैकेज के नाम पर 20 हजार रुपये एडवांस लिए गए, लेकिन मौके पर पहुंचने पर उनकी बुकिंग फर्जी निकली।
इस तरह की ठगी की घटनाएं न केवल पर्यटकों को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की साख को भी प्रभावित कर रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इको टूरिज्म यूनिट के वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन आर्य की ओर से कोतवाली रामनगर में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। -डॉ. साकेत बडोला, निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व।
