Uttrakhand: फाटों जोन में रेस्क्यू की गई बाघिन सुरक्षित जंगल लौटी

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रामनगर, अमृत विचार। तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटों जोन में बीते दिनों घायल मिली एक बाघिन को उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया गया, जबकि छोई क्षेत्र में घायलावस्था में मिली दूसरी बाघिन की उपचार के दौरान मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, फाटों जोन में भ्रमण पर आए कुछ पर्यटकों ने एक बाघिन की घायल अवस्था की तस्वीरें खींची थीं।

 बाघिन की गर्दन के आसपास काफी संख्या में चोट के निशान थे। इस पर वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग नौ बजे वन्यजीव चिकित्सक ने बाघिन को वन परिसर के पास स्थित वाटर हॉल में ट्रैंक्यूलाइज किया, जिसके बाद मौके पर ही उसका उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघिन के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। उपचार के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया है। बाघिन के स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए छह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।

वहीं, तराई पश्चिम वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि लगभग 15 दिन पूर्व छोई क्षेत्र से घायल अवस्था में एक अन्य बाघिन को रेस्क्यू कर उपचार के लिए सेंटर में लाया गया था। यह बाघिन आपसी संघर्ष में बुरी तरह घायल थी। उपचार के दौरान संक्रमण (इन्फेक्शन) के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कर उसे नियमानुसार नष्ट कर दिया गया है।

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